सऊदी अरब अब अपनी ज़रूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम कर रहा है। सरकार ने देश के अंदर सामान बनाने और स्थानीय कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े निवेश किए हैं। इंडस्ट्री मिनिस्टर Bandar Alkhorayef ने बताया कि अब देश का लोकल कंटेंट काफी बढ़ गया है जिससे स्थानीय स्तर पर काम और व्यापार के नए अवसर मिल रहे हैं।

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लोकल कंटेंट में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या है लक्ष्य?

सऊदी अरब में Local Content and Government Procurement Authority (LCGPA) की कोशिशों से स्थानीय उत्पादन में बड़ी बढ़त हुई है। साल 2018 में लोकल कंटेंट केवल 28 फ़ीसदी था जो पिछले साल बढ़कर 51 फ़ीसदी पर पहुँच गया। सरकार ने इस लक्ष्य को पाने के लिए 18 अरब रियाल (करीब 4.8 अरब डॉलर) से ज़्यादा का निवेश किया है। सरकार का अगला लक्ष्य 2030 तक इस आंकड़े को 70 फ़ीसदी तक ले जाना है।

नए नियम और ‘Made in Saudi’ प्रोग्राम का क्या असर होगा?

सरकार ने सामानों की एक लिस्ट तैयार की है जिन्हें अब प्राथमिकता दी जाएगी। 1 अगस्त 2026 से 233 उत्पादों पर नए नियम लागू होंगे जिनमें सिरेमिक और पोर्सिलेन टाइल्स शामिल हैं। इसके बाद 1 अगस्त 2027 से एयर कंडीशनर और मेडिकल उपकरणों जैसे सामानों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। वहीं Made in Saudi प्रोग्राम के ज़रिए अब सऊदी के उत्पाद दुनिया के 180 देशों तक पहुँच रहे हैं। इसमें 3,700 से ज़्यादा कंपनियाँ और 19,000 से ज़्यादा उत्पाद रजिस्टर हो चुके हैं।

सऊदी अरब के औद्योगिक विकास का मुख्य डेटा

विवरण आंकड़ा/जानकारी
लोकल कंटेंट (2018) 28 फ़ीसदी
लोकल कंटेंट (पिछला साल) 51 फ़ीसदी
लक्ष्य (2030 तक) 70 फ़ीसदी
कुल निवेश 18 अरब रियाल से अधिक
गैर-तेल निर्यात (2025 की पहली छमाही) 307 अरब रियाल
रजिस्टर्ड कंपनियाँ 3,700 से ज़्यादा
रजिस्टर्ड उत्पाद 19,000 से ज़्यादा