सऊदी अरब में नौकरी करने वाले प्रवासियों और कंपनियों के लिए एक बड़ी खबर है। मानव संसाधन मंत्रालय ने जांच में पाया है कि 80,000 से ज़्यादा बार नौकरियों को स्थानीय लोगों को देने के नियमों का उल्लंघन हुआ है। सरकार अब इन नियमों को लेकर बहुत सख्त हो गई है और उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) द्वारा 2 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियों ने सरकारी आदेशों को नज़रअंदाज़ किया है। सरकार का मकसद निजी सेक्टर में सऊदी नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है, जिसे सऊदीकरण या Nitaqat कहा जाता है। इसके तहत अलग-अलग पेशों के लिए स्थानीय लोगों को रखने का एक तय प्रतिशत तय किया गया है।
किन नौकरियों के लिए तय किए गए नियम
सऊदी सरकार ने कई क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को नौकरी देने के कड़े लक्ष्य रखे हैं। नीचे दी गई टेबल में मुख्य प्रोफेशन और उनके टारगेट दिए गए हैं:
| प्रोफेशन/क्षेत्र | सऊदीकरण रेट (Target) | लागू होने की तारीख |
|---|---|---|
| प्रोक्योरमेंट (Procurement) | 70% | 31 मई 2026 |
| मार्केटिंग और सेल्स | 60% | अप्रैल 2026 |
| इंजीनियरिंग (Engineering) | 30% | 30 जून 2026 |
| मेडिकल लैब | 70% | अप्रैल/अक्टूबर 2025 |
| रेडियोलॉजी | 65% | अप्रैल/अक्टूबर 2025 |
| अकाउंटिंग (Accounting) | 40% से 70% (चरणबद्ध) | 22 अक्टूबर 2025 |
| डेंटल प्रोफेशन | 45% से 55% | जुलाई 2025 |
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना
MHRSD ने नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों के लिए जुर्माने की लिस्ट को और सख्त कर दिया है। अगर कोई कंपनी गलत तरीके से विदेशी नागरिक को नौकरी पर रखती है, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी।
- प्रतिबंधित नौकरियों में विदेशियों को रखने पर: कंपनी के साइज के हिसाब से 3,000 से 10,000 रियाल तक का जुर्माना।
- बिना वर्क ऑथराइजेशन के काम कराने पर: सीधा 10,000 रियाल का जुर्माना।
- तय प्रतिशत पूरा न करने पर: 2,000 से 6,000 रियाल तक का जुर्माना।
- गलत परमिट पर काम कराने पर: 3,000 से 10,000 रियाल तक का जुर्माना।
- गंभीर उल्लंघन: सामान्य लेबर लॉ के उल्लंघन पर जुर्माना 1 लाख रियाल तक जा सकता है।
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, सरकार अब कंपनियों को 30 दिनों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर सकती है या गंभीर मामलों में उन्हें हमेशा के लिए सील किया जा सकता है। इसके अलावा, जो कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रहीं, उनके लिए नए वीज़ा लेना और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट पाना भी मुश्किल हो जाएगा।
इस सख्ती का सीधा असर सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा। कई ऐसी भूमिकाएं जो पहले प्रवासियों के पास थीं, अब वहां स्थानीय सऊदी नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, जो मैनेजर नियमों को तोड़ते हुए अवैध रूप से प्रवासियों को नौकरी देंगे, उन्हें एक साल तक की जेल और विदेशी मैनेजरों को डिपोर्ट (देश से बाहर) भी किया जा सकता है।
