सऊदी अरब स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में एक बड़ा कदम उठा रहा है। अब देश में खून से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए LYFGENIA और ZYNTEGLO दवाओं का उत्पादन स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। इस पहल से सऊदी अरब के साथ-साथ पूरे मध्य पूर्व (Middle East) के मरीजों को बहुत फायदा होगा।

Genetix Biotherapeutics Inc ने सऊदी फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज एंड मेडिकल अप्लायन्सेस कॉरपोरेशन (SPIMACO) और उसकी सहायक कंपनी SPIMACO Bio के साथ एक समझौता किया है। 23 जून 2026 को हुए इस समझौते के तहत इन दवाओं का विकास और उत्पादन अब सऊदी अरब में ही होगा। यह सुविधा सऊदी अरब, GCC देशों और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के लिए होगी।

बीमारियों का इलाज और असर

LYFGENIA और ZYNTEGLO ऐसी दवाएं हैं जिन्हें मरीज को केवल एक बार दिया जाता है। ये सिकल सेल एनीमिया और बीटा-थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आती हैं। ये दवाएं उन बच्चों और बड़ों के लिए बहुत जरूरी हैं जिन्हें बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन यानी खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।

सऊदी अरब में लगभग 5 लाख से ज़्यादा लोग इन बीमारियों से जूझ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर दवाओं के बनने से मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

जिम्मेदारियां और विजन 2030

इस समझौते के तहत SPIMACO और SPIMACO Bio इन दवाओं की मार्केट मंजूरी लेने, उनके विकास और बिक्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही, सऊदी अरब में आधुनिक फैक्ट्रियां भी लगाई जाएंगी। Genetix Biotherapeutics को इस तकनीक के बदले फीस और बिक्री पर रॉयल्टी मिलेगी।

यह पूरी योजना सऊदी अरब के विजन 2030 का हिस्सा है, जिसका मकसद दवाओं के उत्पादन को देश के भीतर लाना है। इसी दिशा में किंग फैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर (KFSHRC) भी 2025 के अंत तक रियाद में एक नया सेंटर शुरू करेगा। इस सेंटर में हर साल करीब 2,400 डोज़ तैयार किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को अपने ही देश में इलाज मिलेगा और खर्च भी कम होगा।