सऊदी अरब के मक्का क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक अल-फतह मस्जिद के नवीनीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह काम क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के ऐतिहासिक मस्जिदों के जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का हिस्सा है। इस मस्जिद का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है क्योंकि माना जाता है कि मक्का विजय के समय पैगंबर मोहम्मद ने यहां नमाज़ पढ़ी थी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मस्जिद की पुरानी वास्तुकला को बचाते हुए उसे आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है।

👉: Jeddah Airport Umrah Update: सऊदी ने उमराह यात्रियों के लिए जारी किया नया प्लान, इन तारीखों का रखें खास ध्यान

मस्जिद के विस्तार और क्षमता में क्या बदलाव होंगे?

अल-फतह मस्जिद का नवीनीकरण होने के बाद यहां नमाज़ पढ़ने वाले लोगों के लिए जगह बढ़ जाएगी। मक्का-मदीना हाईवे के पास होने की वजह से यह मस्जिद स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। प्रोजेक्ट के तहत मस्जिद के ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है।

विवरण विस्तार से पहले विस्तार के बाद
कुल क्षेत्रफल 455.77 वर्ग मीटर 553.50 वर्ग मीटर
नमाज़ियों की क्षमता 218 लोग 333 लोग
निर्माण सामग्री ईंट, बेसाल्ट पत्थर, जिप्सम और लकड़ी
आधुनिक सुविधाएं एयर कंडीशनिंग, साउंड सिस्टम और लाइटिंग

किन संस्थाओं की देखरेख में हो रहा है यह ऐतिहासिक काम?

इस प्रोजेक्ट को सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब की इस्लामी विरासत को सुरक्षित रखना है। इस पूरे काम की निगरानी कई बड़े सरकारी विभाग मिलकर कर रहे हैं ताकि गुणवत्ता और ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।

  • निगरानी संस्थाएं: पर्यटन मंत्रालय, इस्लामी मामलों का मंत्रालय और विरासत आयोग।
  • इंजीनियरिंग: इस प्रोजेक्ट में सऊदी इंजीनियरों की विशेषज्ञता का उपयोग किया जा रहा है।
  • विशेष सुविधाएं: मस्जिद में महिलाओं के लिए नमाज़ का कमरा और दिव्यांगों के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित की गई है।
  • प्रोजेक्ट का चरण: अल-फतह मस्जिद का काम दूसरे चरण में शामिल है जो 12 जुलाई 2022 को लॉन्च हुआ था।