Saudi Arabia Update: मक्का मस्जिद के लिए नई डिजिटल सर्विस शुरू, प्रवासियों के लिए इकामा और नौकरी के नियमों में हुए बड़े बदलाव
सऊदी अरब ने जायरीन और प्रवासियों के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। मक्का की ग्रैंड मस्जिद में भीड़ देखने के लिए नई डिजिटल सुविधा शुरू की गई है, वहीं प्रवासियों के लिए इकामा और नौकरी के नियमों को बदल दिया गया है। ये सभी बदलाव 2026 के विज़न 2030 लक्ष्यों का हिस्सा हैं, जिससे यहाँ रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर सीधा असर पड़ेगा।
मक्का मस्जिद में भीड़ का हाल अब मोबाइल पर देख सकेंगे जायरीन
सऊदी अरब ने 21 अप्रैल 2026 को एक नई डिजिटल सर्विस शुरू की है। अब मक्का की ग्रैंड मस्जिद में जाने वाले लोग अपने मोबाइल पर ही देख सकेंगे कि तवाफ और सई वाले इलाकों में कितनी भीड़ है। इसमें आसान रंगों के जरिए भीड़ का स्तर बताया जाएगा, ताकि लोग सही समय चुनकर जा सकें। यह सेवा ‘स्मार्ट मस्जिद’ सिस्टम का हिस्सा है जिसे 8 मार्च 2026 को चालू किया गया था। इसके अलावा, यहाँ QR कोड और स्मार्ट मैप की सुविधा भी दी गई है ताकि लोगों को रास्ता खोजने और धार्मिक जानकारी पाने में आसानी हो।
प्रवासियों के लिए इकामा और नौकरी के नियमों में क्या बदला
सऊदी सरकार ने 2026 की पहली तिमाही में रेजिडेंसी और लेबर नियमों में बड़े सुधार किए हैं। अब प्रवासियों के लिए 5 साल का फिजिकल मुकीम कार्ड (Resident ID) लाया गया है। हालांकि, कार्ड 5 साल के लिए होगा, लेकिन इकामा का डिजिटल रिन्यूअल अब भी Absher या Muqeem प्लेटफॉर्म के जरिए साल या दो साल में कराना होगा। साथ ही, अब वर्क परमिट को स्किल के आधार पर बांटा गया है और लेबर मोबिलिटी के नियमों को भी आसान बनाया गया है ताकि कर्मचारी अपनी नौकरी आसानी से बदल सकें।
सऊदीकरण (Saudization) और अवैध प्रवासियों पर बड़ी कार्रवाई
सरकार ने कई सेक्टरों में सऊदी नागरिकों की नौकरी बढ़ा दी है। अब डेंटल प्रोफेशन में 55% और हाउसिंग सुपरवाइजर की नौकरी 100% सऊदी नागरिकों के लिए होगी। इंजीनियरिंग में 30% और टूरिज्म सेक्टर में 40% कोटा रखा गया है। Qiwa प्लेटफॉर्म पर ‘जनरल मैनेजर’ जैसे पदों के लिए नए नियम लागू हुए हैं। दूसरी तरफ, अवैध प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई हुई है। 9 से 15 अप्रैल 2026 के बीच देशभर में 14,487 अवैध प्रवासियों को पकड़ा गया, जिनमें से 12,554 को वापस उनके देश भेज दिया गया।