सऊदी अरब में हज सीजन से पहले मक्का में एंट्री के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। इसी बीच एक सऊदी नागरिक को तीन प्रवासियों (Residents) को बिना परमिट के मक्का ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

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मक्का में एंट्री के लिए क्या हैं नए नियम?

सऊदी सरकार ने 13 अप्रैल 2026 से मक्का में प्रवेश के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब बिना आधिकारिक परमिट के कोई भी व्यक्ति मक्का में दाखिल नहीं हो सकता। यह नियम विदेशी प्रवासियों, GCC देशों के नागरिकों और विजिटर्स सभी पर लागू होता है। केवल उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी जिनके पास हज परमिट, मक्का का रेजिडेंसी आईडी या पवित्र स्थलों के काम का परमिट होगा। परमिट के लिए Absher और Muqeem जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना जरूरी है।

नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, जो लोग दूसरों को अवैध तरीके से मक्का पहुँचाने में मदद करते हैं या ट्रांसपोर्ट देते हैं, उन पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा दोषियों को डिपोर्ट भी किया जा सकता है और भविष्य में सऊदी आने पर बैन लगाया जा सकता है।

उमराह परमिट और जरूरी तारीखें

इस साल हज सीजन 25 से 29 मई 2026 के बीच रहने की उम्मीद है। इसी वजह से 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक उमराह परमिट पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। उमराह वीजा रखने वाले सभी लोगों को 18 अप्रैल तक सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया गया था। यह सारी व्यवस्था जायरीन की सुरक्षा और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए की गई है ताकि सभी लोग आसानी से अपनी इबादत पूरी कर सकें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.