मक्का पुलिस ने एक मिस्र के निवासी को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया पर फर्जी हज परमिट बेचने का काम कर रहा था। यह शख्स लोगों को धोखा देकर पवित्र स्थलों में प्रवेश दिलाने का झांसा दे रहा था। सऊदी सरकार ने अब इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की है और आरोपी को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया गया है।

हज के लिए परमिट कैसे लें और क्या हैं नए नियम?

सऊदी अरब में हज करने के लिए अब आधिकारिक परमिट होना अनिवार्य है। जो लोग भी हज करना चाहते हैं, वे केवल Nusuk ऐप या वेबसाइट के जरिए ही परमिट ले सकते हैं। 13 अप्रैल 2026 से मक्का में प्रवेश के नए नियम लागू हो चुके हैं। सुरक्षाकर्मी चेकपॉइंट्स पर बिना परमिट वाले लोगों को मक्का में घुसने से रोक रहे हैं। प्रवासियों और नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें।

नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा और कितना जुर्माना?

सऊदी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धोखाधड़ी करने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। खासकर भारत समेत अन्य देशों से आए प्रवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि गलती होने पर भारी जुर्माना और डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ सकता है।

उल्लंघन जुर्माना और सजा
बिना परमिट हज करना 5,000 डॉलर से ज्यादा जुर्माना और डिपोर्टेशन
बिना परमिट लोगों को ट्रांसपोर्ट करना 6 महीने तक जेल और 50,000 रियाल जुर्माना
फर्जी विज्ञापन देना कानूनी कार्रवाई और पब्लिक प्रॉसिक्यूशन

उमराह वीजा धारकों के लिए जरूरी अपडेट

उमराह वीजा लेकर आए लोगों को 18 अप्रैल तक सऊदी अरब छोड़ना होगा। 18 अप्रैल से 31 मई तक Nusuk प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट बंद रहेंगे। इस दौरान केवल हज वीजा वाले लोग ही मक्का में रह सकते हैं या वहां प्रवेश कर सकते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट मक्का, रियाद, मदीना और पूर्वी प्रांत में 911 पर और अन्य क्षेत्रों में 999 पर करें।