सऊदी अरब में नए उमराह सीजन की शुरुआत होते ही मक्का की मस्जिद अल-हरम में जायरीनों की भारी भीड़ देखी जा रही है। 4 जून 2026 को मक्का के पवित्र माताफ़ क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई जिससे यह पूरी तरह भर गया। सऊदी सरकार ने उमराह यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए नए नियम और गाइडलाइंस जारी किए हैं ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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माताफ का ग्राउंड फ्लोर केवल उमराह करने वालों के लिए तय

सऊदी के हज और उमराह मंत्रालय ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत माताफ यानी काबा के चारों ओर परिक्रमा करने वाले क्षेत्र के ग्राउंड फ्लोर को विशेष रूप से केवल उमराह करने वाले जायरीनों के लिए आरक्षित रखा गया है। अन्य नमाजी और दर्शनार्थी मस्जिद की ऊपरी मंजिलों या अन्य विस्तारित हिस्सों का इस्तेमाल कर सकते हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे ब्लैक स्टोन के पास से तवाफ शुरू करें और शांत तरीके से आगे बढ़ें।

नुसुक ऐप पर डिजिटल परमिट होना बेहद जरूरी

मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना में रियाजुल जन्नत में प्रवेश के लिए डिजिटल परमिट होना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी जायरीनों को नुसुक ऐप के माध्यम से अपना परमिट दिखाना होगा। बिना वैध डिजिटल परमिट के प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। उमराह सीजन 31 मई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है और 1 जून से परमिट जारी किए जा रहे हैं।

स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम और माताफ की क्षमता

मक्का में भीड़ को संभालने के लिए स्मार्ट मस्जिद क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें एआई तकनीक और लाइट-कोडिंग सिस्टम की मदद ली जाती है, जहां हरी लाइट खाली जगह और लाल लाइट क्षमता पूरी होने का संकेत देती है। माताफ में हर घंटे 1,07,000 जायरीनों को संभालने की क्षमता है, जबकि पूरे माताफ ढांचे में एक समय में 2,03,000 लोग समा सकते हैं। मंत्रालय ने सलाह दी है कि लोग भीड़ की स्थिति ऑनलाइन चेक करके ही तवाफ के लिए सही समय और मंजिल चुनें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

उमराह के लिए मक्का जाने से पहले क्या तैयारी करनी होगी?

यात्रियों के पास नुसुक ऐप पर एक वैध डिजिटल परमिट होना जरूरी है। इसके बिना ग्रैंड मस्जिद और मदीना की रौदाह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

माताफ की कुल क्षमता कितनी है?

माताफ के तवाफ क्षेत्र में प्रति घंटे 1,07,000 तीर्थयात्री तवाफ कर सकते हैं, जबकि पूरे माताफ ढांचे में एक समय में 2,03,000 लोगों के रहने की क्षमता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.