Saudi Arabia New Project: मक्का में बनेगा नया एयरपोर्ट और चलेगी मेट्रो, तीर्थयात्रियों के लिए सऊदी सरकार का बड़ा ऐलान
सऊदी अरब सरकार मक्का शहर की सूरत बदलने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है। मक्का में नया एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी मिल गई है और मेट्रो प्रोजेक्ट के डिजाइन का काम भी पूरा हो चुका है। रॉयल कमीशन फॉर मक्का सिटी एंड होली साइट्स (RCMC) के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स का मकसद हज और उमरा के लिए आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों का सफर आसान बनाना है। शहर में भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
मक्का में नया एयरपोर्ट और मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारी
मक्का में नया हवाई अड्डा बनने से अब यात्रियों को जेद्दा के एयरपोर्ट पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जो वहां से लगभग 80-90 किलोमीटर दूर है। नया एयरपोर्ट तीर्थयात्रियों की यात्रा के समय को कम करेगा और सुविधा बढ़ाएगा। वहीं मेट्रो प्रोजेक्ट शहर के ट्रैफिक को काफी हद तक कम कर देगा।
- मक्का एयरपोर्ट: इसके लिए आर्थिक और निवेश योजनाओं को मंजूरी मिल गई है और इसे प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर बनाया जाएगा।
- मेट्रो नेटवर्क: इसमें कुल 4 लाइनें होंगी और पूरे शहर में 89 स्टेशन बनाए जाएंगे।
- परिवहन क्षमता: मेट्रो की कुल लंबाई 181.7 किलोमीटर होगी और इससे रोजाना 12 लाख लोग सफर कर सकेंगे।
- प्रोजेक्ट का समय: मेट्रो नेटवर्क को 2032 से 2045 के बीच चरणों में लागू करने की योजना है।
स्मार्ट मक्का प्रोग्राम और सड़क नेटवर्क का विस्तार
मक्का शहर में सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए सड़क बुनियादी ढांचे में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले से लेकर चौथे रिंग रोड का काम पूरा हो चुका है जो आपस में 105 किलोमीटर के नेटवर्क से जुड़े हैं। भीड़ को संभालने के लिए “स्मार्ट मक्का” प्रोग्राम के तहत खास इंतजाम किए जा रहे हैं।
| प्रोजेक्ट का नाम | मुख्य विवरण |
|---|---|
| रिंग रोड नेटवर्क | 105 किलोमीटर लंबा इंटरकनेक्टेड रास्ता |
| स्मार्ट क्रॉसिंग | सुरक्षा के लिए 49 स्मार्ट पैदल यात्री क्रॉसिंग |
| जमरात ब्रिज | 950 मीटर लंबा पुल, 50 लाख लोगों की क्षमता |
| भीड़ प्रबंधन | AI तकनीक और हवाई निगरानी का उपयोग |
| संतुष्टि लक्ष्य | 2026 तक 90.5% यात्री संतुष्टि का लक्ष्य |
जमरात ब्रिज को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 12 मंजिलों तक विकसित करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। वर्तमान में यह बहु-स्तरीय पुल लाखों तीर्थयात्रियों को संभालने की ताकत रखता है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 तक यहां आने वाले यात्रियों और रहने वाले लोगों की सुविधाओं को इस स्तर पर ले जाया जाए कि संतुष्टि दर 90% से अधिक हो। इन बदलावों से भारत और अन्य देशों से आने वाले तीर्थयात्रियों को मक्का में सफर के दौरान कम परेशानी होगी।




