सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने मक्का और रियाद शहरों के विकास के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया है. इन प्रोजेक्ट्स से न केवल शहरों की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि लोगों का जीवन आसान होगा और ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी. यह पूरा प्लान सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बनाया गया है ताकि आने वाले समय में हज और उमराह के लिए आने वाले जायरीन की संख्या बढ़ाई जा सके.

रियाद में सड़कों का होगा कायाकल्प

रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी (RCRC) ने रिंग और मेन रोड एक्सिस डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे ग्रुप का काम शुरू कर दिया है. इस प्रोजेक्ट पर कुल 9.8 अरब सऊदी रियाल (करीब 2.6 अरब डॉलर) खर्च होंगे. इसके तहत 40 किलोमीटर लंबी 4 मुख्य सड़कें तैयार की जाएंगी, जिनमें 14 मुख्य चौराहे, 33 पुल, 5 सुरंगें और 6 पैदल पुल शामिल होंगे. काम पूरा होने के बाद इन सड़कों पर रोजाना 9.5 लाख से ज्यादा गाड़ियां चल सकेंगी.

सड़क का नाम लंबाई रोजाना क्षमता (गाड़ियां) खासियत
शेख जाबिर अल-सबाह रोड 12 किलोमीटर 3,50,000 6 चौराहे, 22 पुल, 3 सुरंगें
प्रिंस तुर्की बिन अब्दुलअजीज अल अव्वल रोड 9 किलोमीटर 2,00,000 3 चौराहे, 6 पुल, 2 सुरंगें
प्रिंस मिशाल बिन अब्दुलअजीज रोड 6 किलोमीटर 2,00,000 2 चौराहे, 2 पुल, 4 पैदल पुल
नजमुद्दीन अल-अयूबी रोड 13 किलोमीटर 2,00,000 3 चौराहे, 3 पुल, 2 पैदल पुल

मक्का में नए मोहल्ले और प्रॉपर्टी के नियम

मक्का में ‘डेवलप्ड नेबरहुड्स प्रोग्राम’ का नया फेज शुरू हुआ है, जिसमें 16.3 अरब सऊदी रियाल (करीब 4.3 अरब डॉलर) से ज्यादा का निवेश होगा. इसके तहत 44 लाख वर्ग मीटर से ज्यादा के इलाके में 7 अलग-अलग साइट्स का विकास किया जाएगा. इनमें साउथ जुरहुम, अल-हाजला, अल-खालिदिया, ईस्ट अल-हिंदविया, साउथ अल-हिंदविया, वेस्ट अल-हिंदविया और अल-जुहूर जैसे इलाके शामिल हैं.

सबसे बड़ी खबर यह है कि सरकार ने मक्का में प्रॉपर्टी खरीदने के नियमों में बदलाव किया है. अब मुस्लिम विदेशी नागरिक और वहां रहने वाले निवासी उन इलाकों में प्रॉपर्टी के मालिक बन सकेंगे जिन्हें सरकार ने मंजूरी दी है. इसमें जबल उमर प्रोजेक्ट को भी शामिल किया गया है. जबल उमर डेवलपमेंट कंपनी ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब अंतरराष्ट्रीय मुस्लिम निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आवासीय यूनिट्स की बिक्री पर जोर दिया है.

इन सभी कोशिशों का मकसद मक्का और रियाद को आधुनिक बनाना, निवेश बढ़ाना और आने वाले समय में दुनिया भर से आने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना है.