सऊदी अरब ने हज 2026 के लिए एक ऐसी व्यवस्था की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. मोरक्को से आए नेत्रहीन हाजियों ने सऊदी की मेहमाननवाजी और ‘मक्का रूट’ पहल की जमकर तारीफ की है. इन यात्रियों का कहना है कि उन्हें जो सम्मान और देखभाल मिली, वह उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा थी.
मक्का रूट पहल क्या है और इससे हाजियों को क्या लाभ मिलता है
मक्का रूट पहल सऊदी विजन 2030 के तहत ‘पिलग्रिम एक्सपीरियंस प्रोग्राम’ का हिस्सा है. इसका मकसद हाजियों के सफर को आसान बनाना है. इसके तहत हाजी अपने ही देश के एयरपोर्ट पर इलेक्ट्रॉनिक वीजा, पासपोर्ट कंट्रोल और स्वास्थ्य जांच जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर लेते हैं. उनका सामान भी कोड के जरिए सॉर्ट किया जाता है ताकि सऊदी पहुंचने पर उन्हें सामान का इंतजार न करना पड़े और वे सीधे अपने होटल जा सकें. यह सेवा अब 10 देशों के 17 एंट्री पॉइंट्स पर उपलब्ध है.
दिव्यांग और बुजुर्ग हाजियों के लिए क्या विशेष इंतजाम किए गए हैं
सऊदी सरकार ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं बढ़ाई हैं. मदीना में Prophet’s Mosque में इलेक्ट्रिक और मैनुअल व्हीलचेयर, खास ट्रांसपोर्ट कार्ट और अलग रास्ते बनाए गए हैं. मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने साइन लैंग्वेज ट्रांसलेशन और विजुअल असिस्टेंस जैसी डिजिटल सेवाएं भी शुरू की हैं. परिवहन मंत्री Saleh Al-Jasser ने बताया कि इन सेवाओं में आधुनिक तकनीक और AI का इस्तेमाल किया गया है ताकि हर हाजी को बेहतरीन अनुभव मिले.
मक्का रूट का विस्तार और किन देशों को मिला इसका लाभ
यह पहल अपने आठवें साल में है और अब तक 12.5 लाख से ज्यादा हाजियों की मदद कर चुकी है. 2026 के सीजन में कई देशों को इसका लाभ मिल रहा है:
- नए शामिल देश: सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम
- पुराने शामिल देश: मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, आइवरी कोस्ट और मालदीव
- कुल कवरेज: 10 देशों के 17 इंटरनेशनल एंट्री पॉइंट्स
गृह मंत्रालय और परिवहन मंत्रालय जैसी संस्थाओं ने मिलकर इस पूरे सिस्टम को तैयार किया है ताकि हाजियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल से हाजियों को क्या फायदा होता है
इससे हाजियों को अपने देश के एयरपोर्ट पर ही वीजा और पासपोर्ट की जांच पूरी करने की सुविधा मिलती है. साथ ही उनका सामान सीधे उनके होटल तक पहुंच जाता है जिससे एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों से छुटकारा मिलता है.
2026 के हज सीजन में मक्का रूट का विस्तार कहां-कहां हुआ है
इस बार यह पहल 10 देशों के 17 एंट्री पॉइंट्स तक फैल गई है. इसमें मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया और पाकिस्तान के साथ अब सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को भी शामिल किया गया है.
