Saudi Arabia Hajj Update: मक्का रूट पहल से बांग्लादेशी हज यात्रियों का आगमन शुरू, सऊदी सरकार ने जारी किए नए नियम
सऊदी अरब में हज 1447 AH (2026) के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। मक्का रूट पहल के तहत बांग्लादेशी हज यात्रियों का पहला जत्था जेद्दा पहुंच चुका है। जेद्दा में बांग्लादेश के कौंसल ने इस पहल की जमकर तारीफ की है ताकि यात्रियों का सफर आसान और सुखद हो सके।
मक्का रूट पहल और यात्रियों का आगमन कैसे हुआ?
बांग्लादेश से पहला हवाई जहाज 18 अप्रैल 2026 को रवाना हुआ था। 19 अप्रैल को यह फ्लाइट जेद्दा के King Abdulaziz International Airport पर उतरी। इस पहल की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन और स्मार्ट लगेज मैनेजमेंट की सुविधा मिली। डिजिटल पार्टनर stc Group ने 22 अप्रैल से लाउंज में डिजिटल सेवाएं देना शुरू कर दिया है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
हज 2026 के लिए क्या हैं जरूरी नियम और जुर्माने?
सऊदी सरकार ने साफ किया है कि बिना आधिकारिक परमिट के मक्का और पवित्र स्थलों पर प्रवेश नहीं मिलेगा। Visit Visa वाले लोग हज नहीं कर सकेंगे। 18 अप्रैल से 31 मई तक उमराह परमिट पूरी तरह बंद रहेंगे। बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, बिना परमिट हज कराने में मदद करने वालों को 1 लाख रियाल तक का जुर्माना, डिपोर्टेशन और लंबे समय के लिए एंट्री बैन का सामना करना पड़ सकता है।
परमिट के लिए कौन से ऐप्स और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें?
Grand Mosque में प्रवेश और प्रार्थना के लिए Nusuk app का इस्तेमाल करना अब अनिवार्य है। कुछ खास श्रेणियों के लोग जैसे Premium Residency धारक, निवेशक, GCC नागरिक और सऊदी नागरिकों के परिवार के सदस्य Absher प्लेटफॉर्म से परमिट ले सकते हैं। इसके अलावा सभी यात्रियों को स्वास्थ्य नियमों का पालन करना होगा, जिसमें पोलियो और मेनिनजाइटिस के टीके लगवाना जरूरी है।