हज यात्रियों के लिए सऊदी अरब ने एक बहुत बड़ी सुविधा शुरू की है। मक्का रूट पहल की वजह से अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों लाइन में खड़े नहीं रहना पड़ेगा। इस सुविधा से हज की पूरी प्रक्रिया अब बहुत आसान और आरामदायक हो गई है, जिससे यात्री अपनी पूरी एकाग्रता इबादत पर लगा सकते हैं।
मक्का रूट पहल क्या है और यह कैसे काम करती है?
यह सुविधा सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) की देखरेख में चलाई जा रही है। इसका मकसद हज यात्रियों के सफर को सरल बनाना है। इस व्यवस्था के तहत यात्री अपने ही देश में इमिग्रेशन, कस्टम और सेहत से जुड़ी सारी जांचें पूरी कर लेते हैं।
- यात्रियों के बायोमेट्रिक्स अपने देश में ही लिए जाते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक हज वीज़ा और फ्लाइट बोर्डिंग पास वहीं जारी कर दिए जाते हैं।
- सामान की छँटाई और कोडिंग यात्री के नाम के साथ उनके प्रस्थान स्टेशन पर ही हो जाती है।
- सऊदी अरब पहुँचने पर यात्री एयरपोर्ट की लंबी प्रक्रियाओं से बच जाते हैं और सीधे मक्का या मदीना अपने ठहरने की जगह पर पहुँचते हैं।
- उनका सामान अलग से उनके निवास स्थान तक पहुँचा दिया जाता है।
कितने देशों को मिला इसका फायदा और क्या है असर?
मीडिया मंत्री सलमान अल दोसरी के अनुसार यह पहल अब अपने आठवें साल में है। अब तक 10 देशों और 17 पोर्ट्स के जरिए करीब 12,54,994 हज यात्रियों को इसका लाभ मिला है। इस साल से सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम जैसे नए देश भी इसमें शामिल हुए हैं।
इंडोनेशिया, जहाँ से सबसे ज्यादा यात्री जाते हैं, वहां 22 अप्रैल से 21 मई तक विशेष फ्लाइट्स का संचालन किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से अब एक यात्री की एंट्री प्रक्रिया में औसतन सिर्फ 40 सेकंड का समय लगता है। हज मंत्री तौफीक अल रबिया ने बताया कि विजन 2030 के तहत ऐसी 100 से ज्यादा योजनाएं लागू की गई हैं ताकि यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके।
डिजिटल सेवाओं और ऐप का उपयोग
सऊदी सरकार ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सुपर ऐप ‘तवक्कलना’ (Tawakkalna) का उपयोग शुरू किया है। अब यात्री अपने हज परमिट को इस ऐप के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से देख सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में stc group मुख्य डिजिटल पार्टनर के तौर पर काम कर रहा है।
इस पूरी व्यवस्था को सफल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, SDAIA, जकात, टैक्स और सीमा शुल्क प्राधिकरण और पासपोर्ट महानिदेशालय जैसे कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इस साल हज की शुरुआत 25 मई 2026 से होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल से हज यात्रियों को क्या मुख्य लाभ मिलता है?
यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता क्योंकि इमिग्रेशन और स्वास्थ्य जांच उनके अपने देश में ही हो जाती है। वे सीधे अपने होटल पहुँचते हैं और सामान अलग से डिलीवर किया जाता है।
इस पहल में कौन-कौन से नए देश शामिल हुए हैं?
हालिया अपडेट के अनुसार सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम इस पहल में पहली बार शामिल हुए हैं। अब यह सेवा कुल 10 देशों और 17 एंट्री पॉइंट्स पर उपलब्ध है।
