सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए ‘मक्का रूट’ पहल को और बड़ा कर दिया है। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने आंतरिक मंत्रालय और हज कमेटी के प्रयासों की सराहना की है। इस योजना के जरिए अब लाखों यात्रियों को अपने ही देश में कागजी कार्रवाई पूरी करने की सुविधा मिल रही है ताकि उन्हें सऊदी अरब पहुँचकर लंबी लाइनों में न खड़ा होना पड़े।
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मक्का रूट पहल क्या है और इससे यात्रियों को क्या लाभ मिलता है
यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हज यात्री अपने ही देश के एयरपोर्ट पर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेते हैं। इसमें शामिल हैं:
- ई-वीजा और बायोमेट्रिक: यात्रियों के हज वीजा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी किए जाते हैं और उनका बायोमेट्रिक डेटा भी घर के देश में ही ले लिया जाता है।
- पासपोर्ट और कस्टम जांच: पासपोर्ट और कस्टम की प्रक्रिया प्रस्थान एयरपोर्ट पर ही पूरी हो जाती है।
- सामान की कोडिंग: यात्रियों के सामान की छंटाई और कोडिंग उनके ठहरने की जगह के हिसाब से पहले ही कर दी जाती है।
- डायरेक्ट ट्रांसफर: सऊदी अरब पहुँचने के बाद यात्रियों को सीधे बसों के जरिए मक्का और मदीना में उनके होटलों तक पहुँचाया जाता है।
किन देशों में लागू है यह सुविधा और अब तक कितने लोग लाभान्वित हुए
यह पहल अपने आठवें साल में है और अब तक 1.2 मिलियन से ज़्यादा हज यात्री इसका लाभ उठा चुके हैं। वर्तमान में यह सेवा 10 देशों और 17 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स पर उपलब्ध है।
लाभ पाने वाले देशों की लिस्ट में मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, आइवरी कोस्ट, मालदीव, सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम शामिल हैं। खास बात यह है कि इस साल सेनेगल और ब्रुनेई पहली बार इस पहल से जुड़े हैं।
हज 2026 के ताज़ा अपडेट और सरकारी आंकड़े
सऊदी हज और उमराह मंत्री तौफीक अल-राबिया और पासपोर्ट महानिदेशक मेजर जनरल डॉ. सालेह बिन साद अल-मुरब्बा ने इस अभियान की सफलता की पुष्टि की है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक:
- 13 मई 2026 तक करीब 8.6 लाख हज यात्री सऊदी अरब पहुँच चुके थे, जिनमें से 2.4 लाख लोगों ने ‘मक्का रूट’ का इस्तेमाल किया।
- मोरक्को से पहली फ्लाइट 7 मई 2026 को रवाना हुई थी।
- नगर पालिकाओं और आवास मंत्रालय ने 18 मई 2026 तक मक्का और पवित्र स्थलों पर सड़कों और बुनियादी ढांचे का काम पूरा कर लिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल के तहत कौन से देश शामिल हैं
वर्तमान में मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, आइवरी कोस्ट, मालदीव, सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम जैसे 10 देश इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
मक्का रूट से हज यात्रियों का सफर कैसे आसान होता है
यात्रियों को अपने देश में ही वीजा, बायोमेट्रिक और पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलती है और सऊदी पहुँचते ही उन्हें बिना इंतज़ार किए सीधे उनके ठहरने के स्थान पर पहुँचाया जाता है।
