سعودی عرب सरकार ने हज यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही ‘मक्का रूट पहल’ (Makkah Route Initiative) को इस साल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। हज 1447 हिजरी (2026) के लिए इस सेवा के जरिए रिकॉर्ड 3,88,694 हाजियों को बेहद आसान और डिजिटल सफर का फायदा मिला है। इस बार कुल 10 देशों के 17 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से हाजियों को बिना किसी परेशानी के सीधे उनके होटल तक पहुंचाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है।
क्या है मक्का रूट पहल और हाजियों को इससे क्या फायदा मिलता है?
मक्का रूट पहल सऊदी अरब के गृह मंत्रालय की एक खास योजना है। इसके तहत हाजियों को अपने ही देश के एयरपोर्ट पर सऊदी अरब के इमिग्रेशन और कस्टम की सुविधाएं मिल जाती हैं।
- वीजा और बायोमेट्रिक: हाजियों को डिजिटल वीजा जारी करना, बायोमेट्रिक्स लेना, और उनके देश के एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट की कागजी कार्रवाई पूरी करना शामिल है।
- सीधी एंट्री: सऊदी अरब पहुंचने के बाद हाजियों को एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता। वे सीधे बसों में बैठकर मक्का या मदीना में अपने होटल पहुंच जाते हैं।
- सामान की सुविधा: हाजियों का सामान भी सीधे उनके होटल के कमरों तक सुरक्षित पहुंचाया जाता है।
सिर्फ 40 सेकंड में पूरी हुई एंट्री की प्रक्रिया और इस साल जुड़े नए देश
पासपोर्ट बल के कमांडर मेजर जनरल डॉक्टर सालेह अल-मुरब्बा ने बताया कि इस साल स्मार्ट काउंटर और AI तकनीक की वजह से एक हाजी की एंट्री प्रक्रिया सिर्फ 40 सेकंड में पूरी हो गई। इसके लिए 120 स्मार्ट काउंटर और 60 पोर्टेबल डिवाइस का इस्तेमाल किया गया।
- नए देश शामिल: इस साल सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम भी इस योजना में पहली बार शामिल हुए हैं। अब कुल 10 देशों के हाजी इसका फायदा उठा रहे हैं।
- कुल लाभार्थी: साल 2017 में शुरू हुई इस योजना से अब तक कुल 13 लाख से अधिक हज यात्री फायदा उठा चुके हैं। इस साल 1,227 उड़ानों के जरिए इस पहल का संचालन किया गया।
- सऊदी अरब की तैयारी: सऊदी अरब भविष्य में इस योजना का दायरा बढ़ाकर अन्य देशों और नए हवाई अड्डों तक ले जाने की तैयारी कर रहा है।
किन सरकारी विभागों ने मिलकर काम किया?
इस बड़ी योजना को सफल बनाने में सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय और सऊदी डेटा एंड एआई अथॉरिटी (SDAIA) ने मिलकर काम किया है। इसके अलावा stc ग्रुप इस पूरे प्रोजेक्ट में डिजिटल पार्टनर की भूमिका निभा रहा है। हज मंत्री तौफीक बिन फौजान अल-रबिया के अनुसार, 13 मई तक आने वाले कुल हाजियों की संख्या 8.6 लाख से अधिक हो चुकी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल क्या है?
यह सऊदी अरब की एक खास डिजिटल सेवा है जिससे हज यात्रियों को उनके ही देश के हवाई अड्डे पर सऊदी इमिग्रेशन और वीजा क्लीयरेंस की सुविधा मिल जाती है, जिससे सऊदी पहुंचने पर समय बचता है।
इस साल मक्का रूट पहल से कितने हाजियों को फायदा हुआ?
साल 2026 में इस पहल से 10 देशों के 3,88,694 हाजियों को फायदा पहुंचा है, जिसमें कुल 1,227 उड़ानें शामिल थीं।
