सऊदी अरब के पासपोर्ट महानिदेशालय (Jawazat) ने हज यात्रियों के लिए चलाई जा रही मक्का रूट पहल (Makkah Route Initiative) को लेकर एक नया और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। इस विशेष सरकारी सेवा के जरिए अब तक 13 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय हज यात्री सीधे लाभ उठा चुके हैं। साल 2026 के हज सीजन में कुल विदेशी यात्रियों में से लगभग 30 प्रतिशत यात्री इसी खास सुविधा का उपयोग करके बिना किसी परेशानी के सऊदी अरब पहुंच रहे हैं।

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क्या है मक्का रूट पहल और इससे यात्रियों को क्या सुविधा मिलती है?

मक्का रूट पहल सऊदी अरब के विजन 2030 (Saudi Vision 2030) के तहत तीर्थयात्री अनुभव कार्यक्रम का एक हिस्सा है। इस पहल के जरिए यात्रियों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलती हैं:

  • घर पर ही कागजी कार्रवाई: हज यात्री अपने देश के एयरपोर्ट से उड़ान भरने से पहले ही सऊदी अरब में प्रवेश की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लेते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक हज वीजा जारी करना, बायोमेट्रिक डेटा देना और पासपोर्ट कंट्रोल शामिल है।
  • सामान की सीधी डिलीवरी: यात्रियों के सामान पर इलेक्ट्रॉनिक टैग लगाया जाता है, जिसे सीधे मक्का या मदीना में उनके ठहरने के स्थान पर पहुंचा दिया जाता है। इससे यात्रियों को सऊदी एयरपोर्ट पर सामान लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।
  • सीधा होटल ट्रांसफर: सऊदी अरब पहुंचने के बाद यात्रियों को पारंपरिक हवाई अड्डे की लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ता और वे सीधे विशेष बसों के जरिए अपने कमरों तक पहुंच जाते हैं।

साल 2026 के हज में कौन से नए देश और एयरपोर्ट शामिल किए गए हैं?

यह पहल इस साल अपने आठवें वर्ष में है और अब इसका दायरा बढ़ाकर 10 देशों के 17 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक कर दिया गया है। सऊदी पासपोर्ट महानिदेशालय के कार्यवाहक महानिदेशक मेजर जनरल डॉ. सालेह अल-मुरब्बा ने इसकी पुष्टि की है।

साल 2026 के लिए इस योजना में सेनेगल और ब्रुनेई दारुसलाम को नए देशों के रूप में जोड़ा गया है। वर्तमान में इस सुविधा का लाभ उठाने वाले देशों में पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, इंडोनेशिया, तुर्की, मोरक्को, कोट डी आइवर, मालदीव, सेनेगल और ब्रुनेई दारुसलाम शामिल हैं। इस साल पाकिस्तान के लाहौर एयरपोर्ट और मोरक्को के रबात-सले एयरपोर्ट को भी इस विशेष सूची में शामिल किया गया है ताकि वहां के यात्रियों को सीधा लाभ मिल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट पहल की शुरुआत कब हुई थी और अब तक कितने लोगों को फायदा मिला है?

इस विशेष सुविधा की शुरुआत साल 2017 में हुई थी। तब से लेकर अब तक 1.3 मिलियन (13 लाख) से अधिक अंतरराष्ट्रीय हज यात्री इस आसान प्रक्रिया का लाभ उठा चुके हैं।

क्या मक्का रूट पहल के यात्रियों को सऊदी अरब पहुंचकर हवाई अड्डे पर रुकना पड़ता है?

नहीं, इस सुविधा का उपयोग करने वाले यात्री सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर बिना किसी पारंपरिक इमिग्रेशन प्रक्रिया के सीधे विशेष बसों से अपने मक्का या मदीना के होटलों के लिए रवाना हो जाते हैं।