इंडोनेशिया से हज पर जाने वाले लोगों के लिए सऊदी अरब ने सफर को बहुत आसान बना दिया है। ‘मक्का रूट’ पहल की वजह से अब यात्रियों को सऊदी पहुंचने के बाद लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। सारी कागजी कार्रवाई अब उनके अपने ही देश के एयरपोर्ट पर पूरी हो जाएगी, जिससे उनका समय बचेगा और थकान कम होगी।

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मक्का रूट पहल क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा?

इस नई सुविधा के तहत हज यात्रियों को अपने देश से निकलने से पहले ही कई जरूरी काम निपटाने की सुविधा मिलती है। इसमें बायोमेट्रिक डेटा लेना और इलेक्ट्रॉनिक वीजा जारी करना शामिल है। यात्री अपने एयरपोर्ट पर ही पासपोर्ट की जांच और हेल्थ चेकअप पूरा कर सकते हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि सामान को पहले ही टैग कर दिया जाता है, जिससे वह सीधे सऊदी अरब में उनके होटल तक पहुंच जाता है। सऊदी पहुंचने के बाद यात्री बिना किसी लंबी लाइन के सीधे बसों के जरिए मक्का और मदीना के अपने होटलों में जा सकते हैं।

इंडोनेशियाई यात्रियों के लिए कब से शुरू हुई यह सेवा और कितने लोग शामिल हैं?

इंडोनेशिया के लिए यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ और यह 21 मई 2026 तक चलेगा। शुरुआती उड़ानें जकार्ता और सुराबाया से चली थीं। 26 अप्रैल 2026 तक कुल 56 फ्लाइट ग्रुप्स के जरिए 25,200 यात्री मदीना पहुंच चुके हैं। सऊदी अरब ने इस सेवा का दायरा बढ़ाते हुए अब मकासर के सुल्तान हसनुद्दीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी इसमें जोड़ लिया है। अब जकार्ता, सोलो, सुराबाया और मकासर इन चार शहरों से यह सुविधा मिल रही है।

इस पूरी व्यवस्था को कौन संभाल रहा है और अधिकारियों ने क्या कहा?

इस पूरे काम की देखरेख सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री कर रही है, जिसमें विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय और पासपोर्ट विभाग जैसे कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इंडोनेशिया में सऊदी राजदूत Faisal Abdullah H. Amodi ने कहा कि इस पहल का मकसद यात्रियों के सफर को सरल बनाना है। वहीं, इंडोनेशिया के हज और उमराह मंत्री Mochamad Irfan Yusuf ने इस सेवा की तारीफ करते हुए कहा कि इससे भीड़ कम हुई है और यात्रियों को काफी सुविधा मिली है।