हज यात्रियों के लिए सऊदी अरब ने अपनी डिजिटल तैयारी पूरी कर ली है। सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) के अध्यक्ष ने 15 मई 2026 को मक्का रूट पहल की तकनीकी तैयारियों की समीक्षा की। इस पहल का मकसद हज यात्रियों के सफर को आसान बनाना है ताकि उन्हें एयरपोर्ट पर ज्यादा इंतजार न करना पड़े।

मक्का रूट पहल क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा?

मक्का रूट एक ऐसी व्यवस्था है जिससे हज यात्री अपने ही देश के एयरपोर्ट से सऊदी अरब जाने से पहले ही सारी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। इससे उन्हें सऊदी पहुंचने पर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। इसमें ये सुविधाएं शामिल हैं:

  • इमिग्रेशन और कस्टम: यात्री अपने देश के एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन, कस्टम और हेल्थ चेकअप पूरा कर सकते हैं।
  • डिजिटल परमिट: बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हज परमिट जारी किए जाते हैं।
  • सामान की सुविधा: सामान के लिए डिजिटल कोडिंग की जाती है जिससे बैग सीधा यात्री के ठहरने की जगह पर पहुंच जाते हैं।

किन देशों में लागू है यह सुविधा और कौन कर रहा है काम?

इस बड़े काम को सऊदी अरब का आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) लागू कर रहा है और SDAIA इसका तकनीकी संचालन देख रहा है। इसमें stc ग्रुप डिजिटल पार्टनर के तौर पर जुड़ा है। यह सुविधा कई देशों में उपलब्ध है, जिनमें शामिल हैं:

  • पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मलेशिया
  • मोरक्को, सेनेगल और आइवरी कोस्ट (Côte d’Ivoire)
  • ब्रुनेई और मालदीव

इस पूरी प्रक्रिया में विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, हज और उमराह मंत्रालय और पासपोर्ट विभाग जैसी कई सरकारी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

ताजा अपडेट और अब तक के आंकड़े

मई 2026 की शुरुआत से ही SDAIA ने अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर अपनी डिजिटल प्रणालियों को मजबूत किया है। 6 मई को मोरक्को के साले इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 7 मई को ब्रुनेई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 9 मई को आइवरी कोस्ट और 10 मई को सेनेगल के ब्लेस डियान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष इंतजाम किए गए। बता दें कि 2017 में शुरू हुई इस पहल से अब तक 12,54,994 से ज्यादा हज यात्री फायदा उठा चुके हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का रूट पहल से हज यात्रियों को क्या लाभ होगा?

इससे यात्री अपने देश के एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन और कस्टम की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, जिससे सऊदी अरब पहुंचने पर समय बचेगा और लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा।

SDAIA इस पहल में क्या भूमिका निभा रहा है?

SDAIA इस पूरी व्यवस्था का तकनीकी संचालन कर रहा है, जिसमें डेटा का आदान-प्रदान, डिजिटल सिस्टम और बुनियादी ढांचे को तैयार करना शामिल है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com