सऊदी अरब ने हज यात्रा को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पहली बार Senegal के हज यात्रियों के लिए ‘मक्का रूट’ पहल की शुरुआत की गई है। इससे यात्रियों को सऊदी पहुँचने के बाद लंबी लाइनों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा और उनका सफर काफी आसान हो जाएगा।
मक्का रूट पहल क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
यह सुविधा सऊदी विजन 2030 के तहत ‘पिलग्रिम एक्सपीरियंस प्रोग्राम’ का हिस्सा है। इसका मुख्य मकसद यात्रियों के सफर को सरल बनाना है। इस पहल की खास बातें नीचे दी गई हैं:
- घर से ही कागजी कार्रवाई: हज वीज़ा, बायोमेट्रिक डेटा और पासपोर्ट कंट्रोल जैसे सारे जरूरी काम यात्री अपने ही देश में पूरे कर लेते हैं।
- सामान की सुविधा: यात्रियों के सामान को उनके होटल के हिसाब से पहले ही कोड और सॉर्ट कर दिया जाता है।
- सीधा ट्रांसफर: सऊदी एयरपोर्ट पहुँचने के बाद यात्रियों को दोबारा पासपोर्ट या वीज़ा चेकिंग की जरूरत नहीं पड़ती और वे सीधे बस से मक्का या मदीना अपने होटल जा सकते हैं।
Senegal में इस सुविधा की शुरुआत कैसे हुई?
इस पहल का औपचारिक शुभारंभ 8 मई 2026 को Senegal के Blaise Diagne International Airport पर किया गया। इसके बाद 9 मई 2026 को पहली फ्लाइट मदीना के Prince Mohammad bin Abdulaziz International Airport पहुँची।
सऊदी पासपोर्ट विभाग के एक्टिंग डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल डॉ. सालेह बिन साद अल-मुराब्बा इस कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, टीम सुपरवाइजर कर्नल आदिल अल-रशीदी ने बताया कि इस साल 10 देशों में यह सुविधा शुरू की गई है जिनमें Senegal और ब्रुनेई दारुस्सलाम शामिल हैं। इस काम में सऊदी का आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और हज एवं उमराह मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। Senegal सरकार के अधिकारियों ने भी इस सुविधा की तारीफ की है क्योंकि इससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें बेहतर सेवा मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल से हज यात्रियों को क्या लाभ होगा?
यात्री अपने देश में ही वीज़ा और पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, जिससे सऊदी एयरपोर्ट पर उनका समय बचेगा और वे सीधे अपने होटल जा सकेंगे।
Senegal में यह सुविधा कब शुरू हुई?
Senegal में इस पहल की शुरुआत 8 मई 2026 को हुई और पहली फ्लाइट 9 मई 2026 को मदीना पहुँची।
