सऊदी अरब ने मार्च 2026 में कई ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार देश ने विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और माइनिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता दर्ज की है। सरकार ने छात्रों की पढ़ाई के लिए नए नियम बनाए हैं और विदेशी निवेश के मामले में ग्लोबल रैंकिंग में अपनी मजबूत जगह बनाई है।

🗞️: IEA का बड़ा फैसला, 400 मिलियन बैरल रिजर्व तेल बाज़ार में आएगा, 200 दिन लगेंगे सप्लाई सामान्य होने में

सऊदी में AI की पढ़ाई हुई अनिवार्य

सऊदी कैबिनेट ने 2026 को ईयर ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस घोषित किया है। इसके साथ ही देश के सभी यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए डेटा और AI का कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। अब हर अंडरग्रेजुएट छात्र को यह विषय पढ़ना ही होगा ताकि वे आने वाले समय की तकनीक के लिए तैयार रह सकें।

सरकारी कामकाज में भी AI का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए 11 मंत्रालयों के साथ मिलकर SAMAI 2 प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। इसके अलावा रियाद में दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी हेक्सागोन डेटा सेंटर बनाया जा रहा है, जिसकी क्षमता 480MW है। सरकार ने आम जनता और कर्मचारियों के लिए AI के सही इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन भी जारी कर दी है।

जेनेवा एग्जिबिशन में सऊदी छात्रों का जलवा

जेनेवा में हुए 51वें इंटरनेशनल एग्जिबिशन ऑफ इन्वेंशन्स में सऊदी अरब के छात्रों और संस्थानों ने 135 इनोवेशन पेश किए। इसमें सऊदी के शिक्षा विभाग से 73 छात्र और 99 फैकल्टी मेंबर शामिल हुए थे।

  • अल-जौहरा सऊद अल-क़हतानी: इस छात्रा ने क्लिनिकल फैसले और जीन एडिटिंग के लिए बने AI प्लेटफॉर्म पर ग्रैंड प्राइज और गोल्ड मेडल जीता।
  • नजरान यूनिवर्सिटी: पानी साफ करने की तकनीक के लिए 1 गोल्ड और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए 2 सिल्वर मेडल जीते।
  • K.A.CARE: एनर्जी सेक्टर में किए गए नए इनोवेशन के लिए 3 गोल्ड मेडल हासिल किए।

माइनिंग इन्वेस्टमेंट में ग्लोबल टॉप 10 में एंट्री

फ्रेजर इंस्टीट्यूट के सर्वे के मुताबिक सऊदी अरब अब माइनिंग में निवेश करने वाले दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल हो गया है। सबसे खास बात यह है कि इस लिस्ट में जगह बनाने वाला यह एशिया का इकलौता देश है। टैक्स नियमों और पॉलिसी को लेकर देश को पहला स्थान मिला है।

सऊदी अरब ने टैक्स नियमों और आसान पॉलिसी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। नए माइनिंग इन्वेस्टमेंट लॉ और तादीन प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियों के लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑटोमैटिक कर दिया गया है। इससे विदेशी कंपनियों के लिए सऊदी में आकर काम करना बहुत आसान हो गया है।