सऊदी अरब ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है। लंदन में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की 137वीं बैठक में सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने समुद्री खतरों से बचने और बचाव कार्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।

जनरल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (TGA) के अध्यक्ष Eng. Fawaz Al-Suhali ने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। सऊदी अरब ने साफ किया कि वह समुद्र में जीवन की सुरक्षा (SOLAS) नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। यह कदम सऊदी विजन 2030 के तहत देश को एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब बनाने की योजना का हिस्सा है।

इसी दिन सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने समुद्री रास्तों और जलमार्गों की सुरक्षा को बहुत जरूरी बताया। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करने का समर्थन किया। बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही चर्चाओं का भी जिक्र हुआ।

यह सारी हलचल खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुई है। 9 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को खुला रखे और कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद करे। अमेरिका ने इसके लिए ईरान को 24 घंटे का समय दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस स्थिति के बीच सऊदी अरब ने दोहराया कि वह समुद्री रास्तों की सुरक्षा, तेल बाजारों की स्थिरता और ग्लोबल सप्लाई चेन को बचाए रखने के लिए जिम्मेदार पार्टनर के रूप में काम करता रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.