सऊदी रेलवे कंपनी (SAR) ने हज सीजन 1447 हिजरी (2026) के लिए पवित्र स्थलों के बीच चलने वाली अल मशाएर मेट्रो ट्रेन (Mashaer Train) की सेवाओं की शुरुआत की घोषणा कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार हज यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन पूरी तरह तैयार है और पहली यात्राओं का संचालन भी शुरू हो चुका है। इस मेट्रो सेवा के शुरू होने से लाखों हज यात्रियों को अराफात, मुजदलिफा और मीना जैसे पवित्र स्थानों के बीच यात्रा करने में बेहद आसानी होगी।

कैसी है इस ट्रेन की क्षमता और क्या है इसका रूट?

मशाएर मेट्रो ट्रेन नेटवर्क की क्षमता और इसकी तकनीक हज यात्रियों के सफर को बहुत आसान बनाती है। इस ट्रेन सेवा से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • ट्रेनों की संख्या: इस सेवा में कुल 17 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
  • यात्री क्षमता: हर एक ट्रेन में एक बार में 3,000 यात्री सफर कर सकते हैं, जिससे प्रति घंटे 72,000 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता मिलती है।
  • स्टेशनों का नेटवर्क: यह रेलवे लाइन 18 किलोमीटर लंबी है और कुल 9 स्टेशनों को जोड़ती है। अराफात, मुजदलिफा और मीना में 3-3 स्टेशन बनाए गए हैं। मीना का आखिरी स्टेशन सीधे जमारात ब्रिज के चौथे स्तर से जुड़ता है।
  • गति और समय: यह ट्रेन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। अराफात स्टेशन 1 से मीना स्टेशन 3 के बीच की सबसे लंबी दूरी को यह ट्रेन मात्र 20 मिनट में तय कर लेती है।

हज यात्रियों और पर्यावरण को कैसे मिलेगा इसका फायदा?

सऊदी रेलवे कंपनी (SAR) और परिवहन मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन के संचालन से पवित्र स्थलों के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था में भारी सुधार होगा। इस ट्रेन के चलने से सड़कों पर चलने वाली करीब 50,000 बसों की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी।

यह ट्रेन पूरी तरह से बिजली से चलती है, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता और यह शून्य-कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करती है। इस पूरे सीजन में करीब 2,000 से अधिक फेरों के जरिए 20 लाख से ज्यादा हज यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया है। सेवा शुरू करने से पहले नियंत्रण प्रणालियों और ट्रेनों की सुरक्षा जांच के लिए 60 दिनों का ट्रायल और 3 बड़े अभ्यास पूरे किए गए थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मशाएर ट्रेन का रूट क्या है और यह किन स्टेशनों को जोड़ती है?

यह ट्रेन 18 किलोमीटर लंबे रूट पर चलती है और कुल 9 स्टेशनों को जोड़ती है। ये स्टेशन अराफात, मुजदलिफा और मीना में स्थित हैं। इसका आखिरी स्टेशन सीधे जमारात ब्रिज से जुड़ता है।

इस ट्रेन सेवा के चलने से यातायात व्यवस्था में क्या सुधार होगा?

इस ट्रेन के चलने से सड़कों पर चलने वाली करीब 50,000 बसों के फेरे कम होंगे। इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और पर्यावरण प्रदूषण भी काफी कम होगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.