सऊदी अरब में सार्वजनिक नैतिकता के नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। हाल ही में एक मसाज सेंटर से छह प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर सार्वजनिक मर्यादा और नैतिकता के कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप है।

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Akhbar24 की रिपोर्ट के मुताबिक, ये गिरफ्तारियां मसाज सेंटर में ऐसी गतिविधियों के मिलने के बाद हुई हैं जो सऊदी अरब के नियमों के खिलाफ हैं। पकड़े गए लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक गिरफ्तार लोगों की पहचान और मसाज सेंटर की सटीक जगह के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है।

सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने फरवरी 2025 में General Department for Community Security and Combating Human Trafficking Crimes नाम का एक विशेष विभाग बनाया था। यह विभाग ऐसे अपराधों को रोकने के लिए काम करता है जो लोगों की गरिमा, व्यक्तिगत अधिकारों और शरीयत के कानूनों का उल्लंघन करते हैं।

सऊदी अरब में साल 2019 से पब्लिक डिसेन्सी लॉ (Public Decency Law) लागू है। हाल के दिनों में अलग-अलग शहरों में इस तरह की कार्रवाई देखी गई है:

  • मई 2026 में रियाद के एक मसाज सेंटर से सात विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया।
  • अक्टूबर 2025 में हेल (Hail) क्षेत्र में एक प्रवासी को अश्लील गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया।
  • फरवरी और अप्रैल 2025 में जेद्दा और जाज़ान में भी कई प्रवासियों को मसाज पार्लरों से पकड़ा गया था।

इन सभी मामलों में पकड़े गए लोगों को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (Public Prosecution) के हवाले किया गया और संबंधित मसाज सेंटर्स पर नगर पालिका द्वारा जुर्माना लगाया गया।

गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे वहां के स्थानीय कानूनों और सामाजिक मर्यादाओं का पूरा पालन करें। नियमों की अनदेखी करने पर न केवल भारी जुर्माना लग सकता है, बल्कि जेल और देश से डिपोर्ट होने का खतरा भी रहता है।