सऊदी अरब के मक्का में हज यात्रियों की सुरक्षा और सेहत को लेकर राहत देने वाली खबर आई है। किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी के डॉक्टरों ने दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 6 हाजियों की जान बचाई है। इन यात्रियों को अचानक दिल का दौरा पड़ने और छाती में तेज दर्द जैसी गंभीर समस्याएं आई थीं। डॉक्टरों की फुर्ती और अस्पताल की आधुनिक तकनीक के तालमेल की वजह से इन सभी मरीजों को समय पर इलाज मिल सका और उनकी जान सुरक्षित बची।

मक्का में डॉक्टरों ने कैसे बचाया इन 6 हाजियों को?

यह पूरा मामला 22 मई 2026 का है, जब किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी के डॉक्टरों ने इस सफल रेस्क्यू को अंजाम दिया। मक्का हेल्थ क्लस्टर के तहत आने वाले इस अस्पताल में इलाज पाने वाले हाजियों में कैमरून, उज्बेकिस्तान, लेबनान, पाकिस्तान, केन्या और ट्यूनीशिया के नागरिक शामिल थे। इन मरीजों को अचानक से गंभीर हार्ट अटैक और दिल की अन्य नसें ब्लॉक होने जैसी समस्याएं आई थीं। डॉक्टरों ने मरीजों की हालत बिगड़ती देख तुरंत मोबाइल कार्डियक कैथीटेराइजेशन सर्विस के जरिए इनका इलाज शुरू किया।

सिर्फ 12 मिनट में डॉक्टरों ने खोला ब्लॉक आर्टरी, बना रिकॉर्ड

इस पूरे इलाज के दौरान एक केस ऐसा भी आया जिसने वैश्विक स्तर पर डॉक्टरों की तारीफ बटोरी। एक मरीज के अस्पताल पहुंचने के मात्र 12 मिनट के भीतर डॉक्टरों की टीम ने उसकी बंद आर्टरी यानी धमनी को खोल दिया और रक्त प्रवाह चालू कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि यह समय बेहद कम और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल मानकों के बराबर है। ग्रैंड मॉस्क हॉस्पिटल के पास बने सेफ हार्ट एरिया में इस प्रकार की एडवांस लाइफ सपोर्ट सुविधाएं दी जा रही हैं जिससे दिल के मरीजों की जान बचाई जा सके।

क्या है यह मोबाइल कैथ लैब सेवा?

सऊदी अरब के मक्का मेडिकल विभाग के अनुसार, मोबाइल कार्डियक कैथीटेराइजेशन सर्विस एक चलता-फिरता आधुनिक केंद्र है। इसकी मदद से मरीजों को मुख्य अस्पताल में ट्रांसफर करने और वहां प्रतीक्षा करने में लगने वाले समय को बचाया जाता है। इससे डॉक्टरों को ‘गोल्डन मिनट्स’ यानी वह शुरुआती समय मिल जाता है जिसमें दिल की मांसपेशियों को डैमेज होने से बचाया जा सकता है। इससे पहले 14 मई 2026 को भी इसी तकनीक की मदद से 9 अन्य हाजियों का सफल इलाज किया गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का में डॉक्टरों ने किस तकनीक से हाजियों की जान बचाई?

किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी के डॉक्टरों ने मोबाइल कार्डियक कैथीटेराइजेशन सर्विस और सेफ हार्ट एरिया की सुविधाओं के जरिए हाजियों को तुरंत कार्डियक केयर दिया।

यह इलाज पाने वाले हाजी किन देशों के नागरिक थे?

इन हाजियों में पाकिस्तान, कैमरून, उज्बेकिस्तान, लेबनान, केन्या और ट्यूनीशिया के नागरिक शामिल थे।

इलाज में कितना समय लगा जिससे यह चर्चा में आया?

एक मरीज के अस्पताल पहुंचने के मात्र 12 मिनट के भीतर उसकी ब्लॉक आर्टरी को खोल दिया गया, जो एक विश्व स्तरीय रिकॉर्ड प्रतिक्रिया समय है।