सऊदी अरब सरकार ने हज सीजन को लेकर बहुत कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब अगर कोई व्यक्ति मक्का या पवित्र स्थलों पर विजिट वीज़ा धारकों को ठहराता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम होटल, अपार्टमेंट और निजी घरों, सभी पर लागू होगा ताकि हज यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।
किन लोगों पर लगेगा जुर्माना और कितना होगा शुल्क
Ministry of Interior ने साफ किया है कि मक्का और पवित्र स्थलों पर विजिट वीज़ा वाले लोगों को रखने पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इस नियम में कुछ छूट भी दी गई है:
- जिनके पास हज वीज़ा है, उन्हें यह समस्या नहीं होगी।
- वर्क परमिट या रेजिडेंस परमिट (इकामा) रखने वाले लोग वहां रह सकते हैं।
- यह नियम 19 अप्रैल (Dhul Qada 1) से शुरू होकर 30 या 31 मई (Dhul Hijjah 14) तक लागू रहेगा।
- अगर कोई व्यक्ति विजिट वीज़ा धारकों को छिपाता है या उन्हें रुकने में मदद करता है, तो उस पर भी जुर्माना होगा।
- ठहराए गए लोगों की संख्या के हिसाब से जुर्माने की राशि और बढ़ाई जाएगी।
बिना परमिट हज करने वालों और निवासियों के लिए क्या नियम हैं
सऊदी सरकार ने उन लोगों के लिए भी सख्त चेतावनी जारी की है जो बिना अनुमति के हज करने की कोशिश करेंगे। नियम इस प्रकार हैं:
- बिना परमिट या विजिट वीज़ा पर हज करने वालों को 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना देना होगा।
- अगर कोई निवासी (Resident) इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे देश से निकाला (Deport) जा सकता है और 10 साल तक सऊदी आने पर रोक लग सकती है।
- सभी उमराह तीर्थयात्रियों को 18 अप्रैल 2026 तक मक्का छोड़ना होगा क्योंकि इसके बाद यह इलाका सिर्फ हज के लिए होगा।
ट्रांसपोर्ट और शिकायत के लिए क्या व्यवस्था है
सऊदी अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट नियमों को लेकर भी सख्ती दिखाई है। किसी भी विजिट वीज़ा धारक को हज के उद्देश्य से मक्का या पवित्र स्थलों पर ले जाना मना है। ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगेगा और उनकी गाड़ी भी जब्त कर ली जाएगी।
नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट करने के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत के लोग 911 पर कॉल कर सकते हैं, जबकि बाकी जगहों के लोग 999 पर सूचना दे सकते हैं।