सऊदी अरब ने दुनिया और अपने इलाके में शांति लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud ने कहा कि सऊदी अरब शांति के हर उस प्रयास का समर्थन करता है जिससे लंबे समय तक अमन बना रहे। इस बीच अमेरिका ने ईरान पर होने वाले हमलों को रोक दिया है, जिससे अब बातचीत की उम्मीद जगी है।

🗞️: Iran vs US: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, बोला नया युद्ध चाहता है वॉशिंगटन, दुनिया में फिर बढ़ी टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच सऊदी ने कैसे कराई बातचीत?

  • सऊदी विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के फैसले की तारीफ की क्योंकि उन्होंने ईरान पर हमलों को रोककर कूटनीति को मौका दिया।
  • खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
  • पिछले 6 हफ्तों में सऊदी विदेश मंत्री ने ईरान के अपने समकक्ष को 6 बार फोन किया है ताकि मामला सुलझ सके।
  • 18 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और सऊदी विदेश मंत्री के बीच फोन पर क्षेत्रीय हालातों को लेकर चर्चा हुई।

क्षेत्रीय शांति के लिए और क्या कोशिशें हो रही हैं?

  • 17 मई 2026 को कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani ने सऊदी विदेश मंत्री से बात की।
  • दोनों नेताओं ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम और तनाव कम करने पर चर्चा की ताकि एक ऐसा समझौता हो सके जिससे दोबारा टकराव न हो।
  • इससे पहले जनवरी 2026 में सऊदी ने गाज़ा में शांति और पुनर्निर्माण के लिए ‘Board of Peace’ चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे।

ईरान के साथ समझौते की क्या समय सीमा है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के पास ईरान के साथ एक सही ढांचा तैयार करने के लिए 48 घंटे का समय है। यह मामला काफी गंभीर है और दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या इस समय सीमा में कोई बड़ा समझौता हो पाता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब अमेरिका और ईरान के बीच क्या भूमिका निभा रहा है?

सऊदी अरब दोनों देशों के बीच मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और पिछले 6 हफ्तों में कई दौर की फोन बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश की है।

अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों रोके?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कूटनीति को एक मौका देने का फैसला किया है, जिसका सऊदी अरब ने स्वागत किया है।