सऊदी अरब के व्यापारिक आंकड़ों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। अप्रैल 2026 में देश का व्यापार सरप्लस पिछले साल के मुकाबले दोगुना हो गया है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्यात में बढ़ोतरी और आयात में कमी आने से यह नतीजा निकला है।

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में सऊदी अरब का व्यापार सरप्लस 100.8 प्रतिशत बढ़कर 25.4 अरब रियाल तक पहुँच गया, जो अप्रैल 2025 में 12.7 अरब रियाल था। इस बढ़त की मुख्य वजह यह रही कि देश से होने वाले कुल निर्यात में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बाहर से आने वाले सामान यानी आयात में 5.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

तेल और गैर-तेल निर्यात का हाल

तेल के निर्यात में 11.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कुल निर्यात में तेल की हिस्सेदारी अब 68.8 प्रतिशत हो गई है। वहीं, गैर-तेल निर्यात (जिसमें दोबारा निर्यात किया गया सामान भी शामिल है) में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, अगर सिर्फ देश में बने गैर-तेल सामानों की बात करें, तो उनमें 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई। लेकिन दोबारा निर्यात किए गए सामानों की वैल्यू 20.4 प्रतिशत बढ़ गई।

सबसे ज़्यादा तरक्की मशीनरी और बिजली के उपकरणों के क्षेत्र में देखी गई। गैर-तेल निर्यात में इन सामानों की मांग 70 प्रतिशत बढ़ी और यह कुल गैर-तेल निर्यात का 28.1 प्रतिशत हिस्सा बन गए।

आयात और व्यापारिक साझेदार

आयात के मामले में मशीनरी और बिजली के उपकरण सबसे ऊपर रहे, जिनकी हिस्सेदारी 33.3 प्रतिशत रही। दूसरी ओर, ट्रांसपोर्ट उपकरणों के आयात में 34.1 प्रतिशत की बड़ी कमी आई। व्यापार के लिए चीन सऊदी अरब का सबसे बड़ा पार्टनर बना रहा। अप्रैल 2026 में सऊदी के कुल निर्यात का 15.2 प्रतिशत और कुल आयात का 29.4 प्रतिशत हिस्सा चीन के साथ था। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका का नंबर आता है।

व्यापारिक आंकड़ों की पूरी जानकारी

विवरण आंकड़े (अप्रैल 2026)
कुल व्यापार सरप्लस 25.4 अरब रियाल
कुल निर्यात 101.2 अरब रियाल (9.3% बढ़त)
कुल आयात 75.7 अरब रियाल (5.2% गिरावट)
तेल निर्यात वृद्धि 11.7 प्रतिशत
चीन का आयात हिस्सा 29.4 प्रतिशत
चीन का निर्यात हिस्सा 15.2 प्रतिशत
Q1 2026 व्यापार सरप्लस 90.5 अरब रियाल

पहली तिमाही (Q1 2026) की बात करें तो व्यापार सरप्लस 44 प्रतिशत बढ़कर 90.5 अरब रियाल तक पहुँच गया, जो पिछले दो सालों में सबसे ज़्यादा है। GASTAT ने बताया कि ये सभी आंकड़े संबंधित सरकारी विभागों और ज़कात, टैक्स और कस्टम्स अथॉरिटी से मिले रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किए गए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.