सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। General Authority for Statistics (GASTAT) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में सऊदी अरब का मर्चेंडाइज ट्रेड सरप्लस यानी व्यापार अधिशेष 329 प्रतिशत तक बढ़ गया है। यह आंकड़ा 26 बिलियन सऊदी रियाल (SAR) तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह मात्र 6.1 बिलियन रियाल था।
निर्यात में बढ़ोतरी और आयात में कमी
इस बड़ी बढ़त के पीछे मुख्य कारण देश से होने वाले निर्यात में इजाफा और आयात में आई गिरावट है। मई महीने में कुल निर्यात 93.78 बिलियन रियाल रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 3.9 प्रतिशत अधिक है। इसमें तेल निर्यात का बड़ा योगदान रहा, जो कुल निर्यात का 75.6 प्रतिशत हिस्सा है। इसके विपरीत, गैर-तेल निर्यात में 26.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आयात और व्यापारिक साझेदारी
सऊदी अरब के आयात में भी 19.5 प्रतिशत की कमी आई है और यह 67.76 बिलियन रियाल पर आ गया है। व्यापारिक साझेदारी की बात करें तो China सऊदी अरब का सबसे बड़ा सहयोगी बना हुआ है।
| विवरण | आंकड़ा (मई 2026) |
|---|---|
| कुल व्यापार अधिशेष | 26 बिलियन SAR |
| कुल निर्यात | 93.78 बिलियन SAR |
| कुल आयात | 67.76 बिलियन SAR |
| तेल निर्यात हिस्सा | 75.6% |
सऊदी अरब के लिए China निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां कुल निर्यात का 12.3 प्रतिशत हिस्सा भेजा गया। साथ ही, सऊदी अरब में आने वाले आयात का 22.0 प्रतिशत हिस्सा भी China से ही आता है। इसके अलावा South Korea, UAE, United States और Egypt भी प्रमुख व्यापारिक भागीदार बने हुए हैं।
