सऊदी अरब ने अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब यह देश दूसरे देशों से हथियार खरीदने के बजाय उन्हें खुद बनाने पर जोर दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हथियारों के स्थानीयकरण में सऊदी ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है।
सऊदी अरब में हथियारों का स्थानीयकरण कितना बढ़ा?
सऊदी अरब के सैन्य खर्चों के स्थानीयकरण की दर अब 24.89 प्रतिशत तक पहुंच गई है। साल 2016 में यह आंकड़ा सिर्फ 7.7 प्रतिशत था और 2018 में यह 4 प्रतिशत था। सऊदी विजन 2030 के तहत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सैन्य उपकरणों और सेवाओं के कुल खर्च का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा देश के अंदर ही तैयार किया जाए।
इस काम में कौन सी संस्थाएं और अधिकारी शामिल हैं?
- GAMI (General Authority for Military Industries): यह संस्था सैन्य औद्योगिक गतिविधियों को चलाने और लाइसेंस देने का काम करती है। इसके गवर्नर इंजीनियर अहमद बिन अब्दुलअजीज अल-ओहली ने इसे देश के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।
- SAMI (Saudi Arabian Military Industries): यह पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) की कंपनी है, जिसका लक्ष्य 2030 तक दुनिया की टॉप 25 डिफेंस कंपनियों में शामिल होना है।
- MODON: इस संस्था ने फरवरी 2026 में 4.26 अरब सऊदी रियाल से ज्यादा के निवेश को आकर्षित करने के लिए नए समझौते किए हैं।
सैन्य उद्योगों के लिए क्या नियम और नीतियां बनाई गईं?
GAMI ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को लुभाने के लिए कई नई नीतियां और कानून बनाए हैं। इन नियमों के तहत सैन्य विस्फोटक, हथियार, गोला-बारूद और सैन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण और व्यापार को रेगुलेट किया जाता है। रक्षा विकास प्राधिकरण के गवर्नर डॉ. फालेह बिन अब्दुल्ला अल-सुलेमान ने कहा कि रिसर्च और इनोवेशन की मदद से सऊदी अब सामान खरीदने के बजाय उसे बनाने की ओर बढ़ रहा है।