सऊदी अरब ने अपनी ज़मीन के नीचे छिपे खज़ानों का नया हिसाब लगाया है। अब यहाँ के खनिज संसाधनों की कुल कीमत बढ़कर 9.4 ट्रिलियन रियाल हो गई है। सरकार अब तेल और पेट्रोकेमिकल्स के अलावा इस सेक्टर को अपनी कमाई का तीसरा सबसे बड़ा सहारा बनाने की तैयारी में है।

सऊदी अरब के पास कौन से खनिज मिले और इसकी जानकारी किसने दी?

Industry and Mineral Resources मंत्रालय ने इस बड़े आंकड़े की पुष्टि की है। मंत्री Bandar Alkhorayef और उप मंत्री Khalid Al-Mudaifer ने बताया कि सऊदी Geological Survey द्वारा की गई जांच में खनिजों की नई खोज हुई है। इसमें Rare Earth Elements, ट्रांज़िशन मेटल्स, फॉस्फेट, तांबा, जिंक और सोने की भारी मात्रा मिली है। बाज़ार की मौजूदा कीमतों के हिसाब से इनका मूल्य अब पहले से काफी ज़्यादा हो गया है।

विवरण जानकारी
कुल खनिज मूल्य 9.4 ट्रिलियन रियाल
अमेरिकी डॉलर में मूल्य लगभग 2.5 ट्रिलियन डॉलर
मूल्य में बढ़त 90 प्रतिशत
2030 तक निवेश का लक्ष्य 46 बिलियन डॉलर
ग्लोबल माइनिंग इंडेक्स रैंक टॉप 10 देशों में शामिल
मुख्य खनिज सोना, तांबा, जिंक, फॉस्फेट
घोषणा की तारीख 27 अप्रैल 2026

Vision 2030 के तहत खदानों के लिए क्या योजना है?

सऊदी सरकार अपने Vision 2030 के तहत माइनिंग सेक्टर को मज़बूत करना चाहती है। इसके लिए साल 2030 तक 46 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा। सरकार दुनिया भर की बड़ी माइनिंग कंपनियों को पारदर्शी तरीके से निविदाएं (bidding) देकर बुला रही है ताकि इन संसाधनों को निकाला जा सके। Ma’aden कंपनी इस पूरी प्रक्रिया में एक मुख्य भूमिका निभा रही है।

अन्य सरकारी प्रोजेक्ट्स और नए नियमों में क्या बदलाव हुए?

खनिजों के अलावा सरकार ने कुछ और बड़े कदम उठाए हैं। 27 अप्रैल 2026 को मंत्री Bandar Alkhorayef ने बताया कि परामर्श फर्मों (consulting firms) के लिए स्थानीय कंटेंट के नए नियम लागू किए जाएंगे, जिसे अगले साल लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही, 2034 World Cup के स्टेडियमों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश के मौके तलाशने के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की गई है, ताकि स्थानीय फैक्ट्रियों को ज़्यादा काम मिल सके।