सऊदी अरब सरकार ने देश में इंजीनियरिंग के पदों पर स्थानीय लोगों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब प्राइवेट सेक्टर में सऊदी इंजीनियरों के लिए न्यूनतम सैलरी तय कर दी गई है. इस फैसले से वहां के नौकरी बाजार और खासकर इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स पर बड़ा असर पड़ेगा.
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न्यूनतम सैलरी और लागू होने की तारीख
सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) और नगरपालिकाओं एवं आवास मंत्रालय ने मिलकर यह नियम बनाया है. इसके तहत अब प्राइवेट और नॉन-प्रॉफ़िट सेक्टर में सऊदी इंजीनियरों को कम से कम 8,000 सऊदी रियाल महीना सैलरी देना अनिवार्य होगा.
यह नियम 31 दिसंबर 2025 से प्रभावी माना गया है. कंपनियों को तैयारी के लिए छह महीने का समय दिया गया है, जिसके बाद 30 जून 2026 से इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा.
किसे करना होगा पालन
यह नियम उन प्राइवेट कंपनियों पर लागू होगा जिनमें 5 या उससे ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं. इसमें कुल 46 तरह की इंजीनियरिंग भूमिकाओं को शामिल किया गया है. सरकार का मुख्य लक्ष्य इंजीनियरिंग पदों पर सऊदी नागरिकों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 30% करना है.
नियम के मुताबिक, इंजीनियरों को सऊदी काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स से मान्यता (Accreditation) लेना ज़रूरी है. इसके बिना उन्हें सऊदीकरण (Saudization) के कोटे में नहीं गिना जाएगा.
नौकरी और सैलरी का अनुमान
मंत्रालय ने बताया कि यह कदम लेबर मार्केट की स्टडी के बाद उठाया गया है ताकि स्थानीय युवाओं को अच्छी नौकरी मिले और उनकी काबिलियत बढ़े. बाजार के अनुमान के मुताबिक, प्राइवेट सेक्टर में नए इंजीनियरों की शुरुआती सैलरी अब 8,000 से 12,000 रियाल के बीच रहने की उम्मीद है.
