सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय (Saudi Ministry of Defense) ने देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। सऊदी अरब अब अपनी हवाई और अंतरिक्ष ताकतों को आपस में मिलाकर एक नई सेना ‘रॉयल सऊदी एयर एंड स्पेस फोर्स’ (Royal Saudi Air and Space Force) बनाने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय की इस बड़ी पहल का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिससे देश की रक्षा प्रणाली पहले से ज्यादा ताकतवर हो जाएगी।

सऊदी एयर एंड स्पेस फोर्स बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सऊदी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले यह साफ किया था कि देश की सुरक्षा संपत्तियों की रक्षा करने और बाहरी खतरों को रोकने के लिए अंतरिक्ष में विशेष ताकत की जरूरत है। इसी रणनीति के तहत रॉयल सऊदी एयर फोर्स (RSAF) और रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्स (RSADF) का आपस में विलय किया जा रहा है। अक्टूबर 2023 में अमेरिकी वायु सेना के अधिकारियों ने भी इस विलय को लेकर सऊदी अरब के स्टाफ को जरूरी सलाह दी थी। इस पूरे सुधार कार्यक्रम को साल 2028 तक अंतिम रूप देने की योजना है।

इस बड़े विलय की शुरुआत कब और कैसे हुई?

सऊदी अरब ने पहली बार मई 2022 में अपनी वायु और अंतरिक्ष सेना को एक साथ मिलाने की इच्छा जताई थी। इस पहल को आगे बढ़ाने की समयरेखा इस प्रकार है:

  • 31 मई 2022: वायु और अंतरिक्ष बलों की स्थापना के लिए गठित कार्यकारी समिति की पहली बैठक आयोजित की गई थी, जिसके बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हुई।
  • अप्रैल 2024: रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की कि राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए इसी साल दोनों बलों का विलय किया जाएगा।
  • 10 जून 2026: रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से बताया कि इस विशेष सेना के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

इस पूरी पहल का नेतृत्व वायु सेना के कमांडर प्रिंस लेफ्टिनेंट जनरल तुर्की बिन बंदर बिन अब्दुलअजीज कर रहे हैं। इस समिति में रक्षा मंत्रालय के विकास कार्यक्रम के सीईओ डॉ. समीर बिन अब्दुलअजीज अल-तुरैब और वायु रक्षा बलों के उप कमांडर मेजर जनरल इंजीनियर मोहम्मद बिन सलामा अल-बलावी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब अपनी वायु और वायु रक्षा सेनाओं का विलय क्यों कर रहा है?

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अपनी हवाई संपत्तियों की रक्षा करने और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत करने के लिए अंतरिक्ष स्तर पर रक्षा बलों का होना जरूरी है, इसलिए इन दोनों बलों को मिलाया जा रहा है।

रॉयल सऊदी एयर एंड स्पेस फोर्स का यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?

सऊदी सेना के अधिकारियों के अनुसार, इस नए सैन्य ढांचे और सुधारों को साल 2028 तक पूरी तरह से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.