सऊदी अरब की सरकार ने अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है। पिछले एक हफ्ते के भीतर ही गृह मंत्रालय ने हजारों लोगों को हिरासत में लिया है। जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं या बिना सही कागजात के देश में रह रहे हैं, उनके लिए अब मुश्किलें बढ़ गई हैं। गृह मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि देश की सुरक्षा और नियमों से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

किन लोगों पर हुई है कार्रवाई और क्या हैं आंकड़े?

सऊदी गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस एक हफ्ते के अभियान में कुल 14,200 लोगों को पकड़ा गया है। इन लोगों पर रेजिडेंसी, लेबर कानून और बॉर्डर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप है।

  • कुल गिरफ्तारियां: 14,200 लोग
  • एक हफ्ते में डिपोर्ट किए गए लोग: 6,000 प्रवासी
  • कार्रवाई का क्षेत्र: सऊदी के सभी क्षेत्र

पकड़े गए लोगों में से 6,000 प्रवासियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके देश वापस भेज दिया गया है। यह साझा फील्ड अभियान पूरे सऊदी अरब के अलग-अलग इलाकों में चलाया गया है ताकि अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की पहचान की जा सके और उन पर कार्रवाई हो सके।

नियम तोड़ने पर कितनी कड़ी मिल सकती है सजा?

सऊदी सरकार ने सख्त चेतावनी जारी की है कि जो कोई भी अवैध प्रवासियों को रहने की जगह देगा, उन्हें आने-जाने के लिए साधन मुहैया कराएगा या उन्हें काम पर रखेगा, उसे भारी सजा का सामना करना पड़ेगा। यह नियम उन भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो वहां रह रहे हैं।

उल्लंघन का प्रकार सजा और जुर्माना
अवैध प्रवासियों को काम देना या छिपाना 15 साल तक की जेल
आर्थिक दंड (जुर्माना) 10 लाख रियाल तक
अन्य कार्रवाई गाड़ी और संपत्ति की जब्ती

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह एक गंभीर अपराध माना जाता है जो देश के कानून के खिलाफ है। जो लोग अवैध तरीके से सीमा पार करने में मदद करते हैं, उन पर भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सऊदी में रह रहे सभी प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने इकामा और काम से जुड़े सभी कागजात हमेशा सही रखें ताकि किसी भी कानूनी मुसीबत से बचा जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.