उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील अंतर्गत बघाइन गांव में उस समय मातम पसर गया जब सऊदी अरब के रियाद में मारे गए 26 वर्षीय रवि गोपाल का शव घर पहुंचा। रवि की मृत्यु 18 मार्च 2026 को रियाद में एक मिसाइल हमले के दौरान हुई थी। वह सितंबर 2025 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे और वहां एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे। मृतक अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जिनका अंतिम संस्कार उनके बड़े भाई मनमोहन ने पैतृक गांव में किया।

घटना के समय क्या हुआ था?

रवि गोपाल की पत्नी रितु ने बताया कि 18 मार्च की शाम वह अपने पति से फोन पर सामान्य बातचीत कर रही थीं। बातचीत के दौरान ही अचानक एक बहुत तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और फोन कट गया। इसके बाद अगले दिन 19 मार्च को रवि के दोस्त रामनिवास यादव ने परिवार को फोन कर सूचना दी कि रियाद में हुए एक हमले में रवि की मौत हो गई है। रवि के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक चार साल का बेटा और बुजुर्ग माता-पिता शामिल हैं।

शव वापसी की प्रक्रिया और प्रशासन की मदद

रवि गोपाल का शव वापस लाने में रियाद स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूतावास द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी होने के बाद शव को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। सीतापुर के जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजा गणपति आर और उपजिलाधिकारी (SDM) बी.के. सिंह ने पीड़ित परिवार से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। शव 25 मार्च की सुबह लखनऊ हवाई अड्डे पहुंचा, जहां से प्रशासनिक एम्बुलेंस के जरिए इसे गांव लाया गया।

पीड़ित परिवार की मांगें और मुख्य विवरण

  • मृतक का विवरण: रवि गोपाल (26), निवासी बघाइन गांव, सीतापुर।
  • काम का विवरण: सऊदी अरब के रियाद में प्लास्टिक फैक्ट्री में कार्यरत।
  • मृत्यु का कारण: 18 मार्च 2026 को हुआ मिसाइल हमला।
  • प्रशासनिक सहायता: जिला प्रशासन ने परिवार को सांत्वना दी और मदद का भरोसा दिया है।
  • परिवार की मांग: मृतक की पत्नी के लिए संविदा पर नौकरी और उचित आर्थिक सहायता की मांग की गई है।

गांव में शव पहुंचने पर भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़े। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा ने भी परिवार को ढांढस बंधाया है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह घटना दुखद है और दूतावास ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए शव को घर पहुंचाने में मदद की।