सऊदी अरब में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ सरकार ने अब तक का सबसे सख्त अभियान छेड़ रखा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केवल एक हफ्ते के अंदर करीब 18,200 से ज्यादा लोगों को अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पूरे किंगडम में चल रही है और इसमें रेजिडेंसी, लेबर और बॉर्डर सिक्योरिटी नियमों को तोड़ने वालों को पकड़ा जा रहा है। मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर लगातार ‘ए नेशन विदाउट वायलेटर्स’ अभियान के तहत यह सख्ती बरत रही है।

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किन लोगों को किया गया गिरफ्तार?

सऊदी सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा गिरफ्तारी इकामा (Residency) नियमों के उल्लंघन में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में करीब 11,442 लोग रेजिडेंसी नियमों को तोड़ते हुए पाए गए। इसके अलावा बॉर्डर सिक्योरिटी के मामले में 3,931 और लेबर नियमों के उल्लंघन में 2,827 लोगों को पकड़ा गया है। बॉर्डर पार करने की कोशिश में भी कई लोग पकड़े गए हैं, जिनमें से ज्यादातर इथियोपिया और यमन के नागरिक हैं।

मदद करने वालों पर 15 साल की जेल और भारी जुर्माना

मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने 2 फरवरी 2026 को साफ चेतावनी जारी की है कि जो भी व्यक्ति अवैध प्रवासियों की मदद करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई किसी घुसपैठिये को गाड़ी में बैठाता है, रहने की जगह देता है या काम पर रखता है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जिस गाड़ी या घर का इस्तेमाल इस काम के लिए हुआ है, उसे भी सरकार जब्त कर लेगी और मदद करने वाले का नाम सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाएगा।

खुद से देश छोड़ने की नई सुविधा शुरू

प्रशासन ने अब कुछ लोगों के लिए ‘Self-Deportation’ यानी खुद से देश छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। यह सुविधा Absher प्लेटफॉर्म पर हाल ही में जोड़ी गई है। इससे डिटेंशन सेंटर में भीड़ कम होगी और लोग ऑनलाइन ही अपनी एग्जिट की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। अभी करीब 25,000 लोगों पर कानूनी कार्रवाई चल रही है और पिछले रिपोर्टिंग साइकिल में 14,000 से ज्यादा लोगों को डिपोर्ट कर दिया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.