Saudi Arabia Musaned Update: सऊदी अरब के मुसानद प्लेटफॉर्म पर जुलाई में बने 88 हजार से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट, घरेलू कामगारों के लिए बड़ा बदलाव.

सऊदी अरब के आधिकारिक Musaned platform ने पिछले महीने जुलाई के दौरान घरेलू कामगारों की भर्ती के लिए कुल 88,858 नए कॉन्ट्रैक्ट प्रोसेस किए। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि सऊदी अरब में घरेलू कामगारों की मांग लगातार बनी हुई है और लोग बड़ी संख्या में कानूनी तरीके से कामगारों को बुला रहे हैं। इस बारे में अधिक जानकारी आप Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक रिपोर्ट में देख सकते हैं।
सऊदी अरब में घरेलू कामगारों के नए नियम और सुरक्षा
सऊदी सरकार ने देश के घरेलू श्रम ढांचे में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिससे कामगारों और काम पर रखने वाले दोनों लोगों को आसानी हो। नए नियमों के मुताबिक अब सैलरी का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके अलावा कामगारों की सुरक्षा के लिए कई कड़े कानून भी बनाए गए हैं ताकि किसी का शोषण न हो सके।
अपडेटेड नियमों के अनुसार कोई भी मालिक या कंपनी घरेलू स्टाफ से भर्ती का खर्च, वर्क परमिट का पैसा या सर्विस ट्रांसफर का चार्ज नहीं वसूल सकती है। अगर कोई नियम तोड़ता पाया गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और भविष्य के लिए रिक्रूटमेंट बैन भी लगाया जा सकता है। मंत्रालय लगातार इस प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने में लगा है ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्राइवेट कंपनियों से ट्रांसफर और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
हाल ही में मंत्रालय ने एक नई सुविधा शुरू की है जिसके जरिए प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स को व्यक्तिगत नियोक्ताओं के पास ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ तय सैलरी और रेजिडेंसी यानी इक़ामा के नियमों को पूरा करना जरूरी होता है। इन सभी फैसलों से उन प्रवासी कामगारों को बहुत फायदा मिल रहा है जो भारत या अन्य देशों से सऊदी अरब जाकर काम करते हैं।
कॉन्ट्रैक्ट और कागजी कार्रवाई को आसान बनाने के साथ-साथ सऊदी सरकार दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने पर भी पूरा जोर दे रही है। हाल ही में केन्या के साथ लेबर सहयोग को आधुनिक बनाने के लिए एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा Musaned प्लेटफॉर्म को सऊदी के Absher platform के साथ भी जोड़ दिया गया है, जिससे रियासती आईडी यानी इक़ामा रिन्यू कराने और नाम के अनुवाद जैसे जरूरी काम ऑनलाइन ही बहुत आसानी से हो जाते हैं। इन तमाम सुधारों का मुख्य उद्देश्य देश में रहने वाले सभी नागरिकों और कामगारों के लिए पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी सेवाओं को और ज्यादा सुलभ बनाना है।