Saudi Arabia Privatization News: सऊदी सरकार के प्रिवेटाइजेशन प्रोजेक्ट्स में दिखी बड़ी तरक्की, 2030 तक आएगा 240 अरब रियाल का निवेश
सऊदी अरब में सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रिवेटाइजेशन यानी निजीकरण के काम में तेज़ी आई है। काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एंड डेवलपमेंट अफेयर्स ने बताया कि तय समय के अंदर इन प्रोजेक्ट्स में काफी सुधार हुआ है। इस कदम से आने वाले समय में देश के बुनियादी ढांचे और पब्लिक सर्विस की क्वालिटी और बेहतर होगी जिससे यहां रहने वाले लोगों को फायदा मिलेगा।
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प्रिवेटाइजेशन स्ट्रेटजी में क्या बदलाव हुए हैं?
सऊदी सरकार ने 2018 वाले पुराने प्रिवेटाइजेशन प्रोग्राम को खत्म कर दिया है। अब उसकी जगह ‘नेशनल प्रिवेटाइजेशन स्ट्रेटजी’ लागू की गई है जिसे नवंबर 2025 में मंजूरी मिली थी। फाइनेंस मिनिस्टर मोहम्मद अल-जदआन ने जनवरी 2026 में इसे शुरू करने का ऐलान किया था। इसका मुख्य मकसद गवर्नेंस को सुधारना और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाना है ताकि काम तेज़ी से हो सके।
आने वाले समय में क्या लक्ष्य हैं और कौन से प्रोजेक्ट शुरू हुए?
सरकार का लक्ष्य 2030 तक 18 अलग-अलग सेक्टरों में प्राइवेट कंपनियों को जोड़ना है। हाल ही में नेशनल वेस्ट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म और रियाद के ‘वादी अल-जौदा’ प्रोजेक्ट के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इन सबके जरिए सरकार चाहती है कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत काम हो ताकि पारदर्शिता बनी रहे और निवेश बढ़े।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कुल निवेश लक्ष्य (2030 तक) | 240 अरब सऊदी रियाल से ज़्यादा |
| पार्टनरशिप कॉन्ट्रैक्ट्स का लक्ष्य | 220 से ज़्यादा |
| टारगेट सेक्टर | 18 मुख्य सेक्टर |
| प्रोजेक्ट्स की संख्या | 145 प्राथमिकता वाले मौके |
| नया नियम लागू होने की तारीख | जनवरी 2026 |
| निगरानी संस्था | काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एंड डेवलपमेंट अफेयर्स |