सऊदी अरब में गुरुवार 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में इस्तसका (बारिश की नमाज़) अदा की गई। शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की अपील पर देश के सभी 13 क्षेत्रों में हज़ारों मस्जिदों में लोगों ने हिस्सा लिया। इसका मकसद सूखे के समय अल्लाह से रहमत की बारिश की दुआ करना था। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार नमाज़ के दौरान मस्जिदों और खुले मैदानों में बड़ी संख्या में नागरिक और प्रवासी मौजूद रहे।

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नमाज़ का समय और मुख्य जगह

मक्का की Grand Mosque में सुबह 7:08 बजे और मदीना की Prophet’s Mosque में सुबह 7:12 बजे नमाज़ पढ़ी गई। देश के बाकी हिस्सों में सूरज निकलने के करीब 15 मिनट बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई। इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने इस विशेष दिन के लिए 12,000 से अधिक मस्जिदों और ईदगाहों में सफाई और अन्य इंतज़ाम पूरे किए थे।

शहर/स्थान नमाज़ का समय मुख्य इमाम
Makkah सुबह 7:08 बजे Sheikh Dr. Abdullah Al-Juhany
Madinah सुबह 7:12 बजे Sheikh Dr. Abdul Bari Al-Thubaity
Riyadh सूर्योदय के 15 मिनट बाद क्षेत्रीय गवर्नर की उपस्थिति

नमाज़ का तरीका और शाही दरबार की सलाह

इस्तसका की नमाज़ में दो रकात होती हैं। पहली रकात में सात और दूसरी रकात में छह तकबीरें कही जाती हैं। नमाज़ खत्म होने के बाद इमाम ने खुतबा दिया और सामूहिक दुआ की गई। शाही दरबार ने लोगों से नमाज़ में शामिल होने के साथ-साथ तौबा करने, माफी मांगने और दान-पुण्य करने की गुजारिश की थी। रियाद में इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला मस्जिद में गवर्नर और अन्य बड़े अधिकारियों ने भी आम जनता के साथ नमाज़ अदा की।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.