सऊदी अरब ने मनी लॉन्ड्रिंग यानी काले धन को सफेद करने के खिलाफ बेहद सख्त कानून लागू किया है। सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने इस कानून में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। यह नया नियम वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए कड़े प्रावधान लेकर आया है।

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गैर-सऊदी प्रवासियों के लिए क्या है नया नियम?

नए कानून के मुताबिक, अगर कोई गैर-सऊदी व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग के जुर्म में दोषी पाया जाता है, तो उसे अपनी सजा पूरी करने के बाद देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा। ऐसे व्यक्ति के सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश करने पर पूरी तरह पाबंदी होगी। हालांकि, केवल हज या उमराह की रस्मों को पूरा करने के लिए तय नियमों के तहत आने की अनुमति दी जा सकती है।

सऊदी नागरिकों और व्यवस्था पर क्या असर होगा?

सऊदी नागरिकों के लिए सजा में जेल के साथ यात्रा प्रतिबंध भी शामिल किया गया है। यह यात्रा प्रतिबंध जेल की अवधि के बराबर होगा और यह कम से कम दो साल का होगा। सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) और अटॉर्नी जनरल के मुताबिक, इन बदलावों से वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा जिससे आर्थिक विकास होगा।

तारीख मुख्य घटना
14 अप्रैल 2026 काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने नए नियमों को मंजूरी दी
15 अप्रैल 2026 अटॉर्नी जनरल ने न्यायिक प्रणाली के समर्थन के लिए आभार जताया
16 अप्रैल 2026 SAMA गवर्नर ने वित्तीय सुधारों की घोषणा की
17 अप्रैल 2026 आधिकारिक ट्वीट के जरिए नियमों की जानकारी साझा की गई
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com