सऊदी अरब के सिटीज़ एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन अथॉरिटी (ECZA) ने स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में कंपनी बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। ये नियम 10 जुलाई 2026 को लागू हुए हैं। सरकार का मकसद विज़न 2030 के तहत निवेश को बढ़ाना और अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
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इन नए नियमों का असर ज़ोन में बनने वाली कंपनियों, सऊदी की दूसरी कंपनियों और गल्फ या विदेशी कंपनियों की शाखाओं पर पड़ेगा। जो कंपनियां इन ज़ोन में बनेंगी, उन्हें मुख्य रूप से लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (LLC) के रूप में रजिस्टर होना होगा। इसे एक अकेला व्यक्ति या कई पार्टनर मिलकर शुरू कर सकते हैं। ऐसी कंपनियों को सऊदी की नागरिकता मिलेगी और इनका मुख्य ऑफिस उसी ज़ोन के अंदर होना ज़रूरी है।
कंपनी के नाम और रजिस्ट्रेशन के नियम
नियमों के मुताबिक, कंपनी के नाम के साथ अंग्रेजी में (SEZ) या अरबी में इसका अनुवाद लिखना अनिवार्य है, हालांकि ECZA इसमें छूट दे सकता है। कंपनी के कागज़ात मुख्य रूप से अरबी भाषा में होंगे, जिनमें पार्टनर्स की जानकारी, पूंजी का बंटवारा और मैनेजमेंट के तरीकों का ज़िक्र होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ इन्वेस्टमेंट (MISA) डिजिटल लिंक के ज़रिए इन्वेस्टमेंट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएगी।
मैनेजमेंट और पाबंदियां
कंपनियों के लिए वित्तीय रिपोर्टिंग और गवर्नेंस के कड़े नियम बनाए गए हैं। कंपनी के मैनेजर या बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हर साल फाइनेंशियल स्टेटमेंट और एक्टिविटी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसकी जांच ऑडिटर द्वारा जनरल असेंबली मीटिंग से कम से कम 40 दिन पहले की जानी होगी और पार्टनर्स को यह रिपोर्ट 21 दिन पहले मिल जानी चाहिए। एक ज़रूरी शर्त यह है कि SEZ में बनी कंपनियां सऊदी अरब के दूसरे इलाकों में स्थित कंपनियों के साथ विलय (Merge) नहीं कर सकेंगी।
निवेशकों के लिए फायदे
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने कई सुविधाएं दी हैं:
- कॉर्पोरेट इनकम टैक्स की दरों में कमी की गई है।
- कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है।
- लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया को तेज़ और आसान बनाया गया है।
सभी कंपनियों की जानकारी और कमर्शियल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को एक इलेक्ट्रॉनिक ‘कंपनी रजिस्टर’ में रखा जाएगा, जिसकी निगरानी ECZA द्वारा की जाएगी।
