सऊदी अरब ने घरेलू कामगारों के अधिकारों और उनके कर्तव्यों को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने इन बदलावों को आधिकारिक तौर पर जारी किया है ताकि काम करने के माहौल को बेहतर बनाया जा सके। इन नियमों के आने से उन लाखों भारतीय और विदेशी प्रवासियों को फायदा होगा जो सऊदी में ड्राइवर, हाउसहेल्प या अन्य घरेलू काम करते हैं। सरकार ने सैलरी देने के तरीके से लेकर काम के घंटों तक सब कुछ तय कर दिया है।

घरेलू वर्करों के लिए काम के घंटे और छुट्टी के नए नियम क्या हैं?

  • काम की सीमा: किसी भी घरेलू वर्कर से एक दिन में 10 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा।
  • आराम का समय: वर्कर को रात के समय कम से कम 8 घंटे की लगातार नींद और आराम मिलना अनिवार्य है।
  • साप्ताहिक छुट्टी: हर वर्कर को हफ्ते में एक दिन की पेड छुट्टी मिलेगी, जिस पर मालिक और वर्कर की आपसी सहमति होनी चाहिए।
  • ओवरटाइम का भुगतान: अगर वर्कर तय सीमा से अधिक समय तक काम करता है, तो मालिक को उसे अलग से पैसा देना होगा।
  • सर्विस रिवॉर्ड: अगर कोई वर्कर एक ही मालिक के पास लगातार 4 साल तक काम करता है, तो वह एक महीने की सैलरी के बराबर बोनस का हकदार होगा।

सैलरी ट्रांसफर और अन्य कानूनी सुरक्षा को लेकर क्या बदलाव हुए?

सऊदी सरकार ने अब घरेलू वर्करों की सैलरी को लेकर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। 1 जनवरी 2026 से सभी मालिकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने वर्कर की सैलरी Musaned प्लेटफॉर्म के जरिए बैंक अकाउंट या डिजिटल वॉलेट में ही भेजें। अब हाथ में कैश सैलरी देना गैर-कानूनी माना जाएगा ताकि सैलरी विवादों को खत्म किया जा सके। साथ ही, वर्कर का बकाया पैसा अब सबसे पहले चुकाया जाने वाला कर्ज माना जाएगा।

इसके अलावा, मालिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी वर्कर का पासपोर्ट या व्यक्तिगत दस्तावेज अपनी मर्जी से नहीं रख सकते। वर्कर से भर्ती की कोई भी फीस नहीं वसूली जाएगी और न ही उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार किया जा सकेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि 21 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को घरेलू वर्कर के तौर पर काम पर नहीं रखा जा सकता है।

अगर वर्कर काम छोड़ दे तो क्या प्रक्रिया होगी?

मंत्रालय ने मालिकों के लिए ‘वर्क इंटरप्शन सर्विस’ शुरू की है। अगर कोई वर्कर बिना बताए काम पर आना बंद कर देता है, तो मालिक Musaned के जरिए कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की अर्जी दे सकता है। ऐसी स्थिति में वर्कर को 60 दिन का समय दिया जाएगा ताकि वह या तो अपना स्टेटस सही कर सके, किसी दूसरे मालिक के पास ट्रांसफर ले सके या फिर कानूनी रूप से अपने देश वापस लौट सके। ये सभी नियम डिजिटल तरीके से मॉनिटर किए जा रहे हैं ताकि सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.