Saudi Arabia News: घरेलू कामगारों के ट्रांसफर के लिए सऊदी सरकार का नया नियम, अब प्राइवेट कंपनियों से सीधे ले सकेंगे मदद.

सऊदी अरब के Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) ने विदेशी घरेलू कामगारों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत की है। 5 अगस्त 2026 से एक नई इलेक्ट्रॉनिक सर्विस लागू की गई है, जिसके जरिए अब सऊदी अरब में रहने वाले लोग प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे विदेशी वर्करों को अपने घर के काम (घरेलू पेशे) के लिए ट्रांसफर कराने की दरख्वास्त दे सकेंगे। इस कदम का मुख्य मकसद लेबर मार्केट में पारदर्शिता लाना और कामगारों के अधिकारों की पूरी तरह से सुरक्षा करना है।
कौन कर सकता है आवेदन और क्या हैं शर्तें
इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहले तो यह जरूरी है कि विदेशी वर्कर का work permit पूरी तरह से वैध हो। साथ ही, जिस काम के लिए वर्कर को लिया जा रहा है, वह काम domestic profession यानी घरेलू श्रेणी में आना चाहिए। अगर कोई वर्कर पहले से ही किसी ऐसी ऊंचे दर्जे की नौकरी में है, जैसे कि तकनीकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा या कोई विशेषज्ञ पद, तो उसका ट्रांसफर इस नियम के तहत नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, जो काम पूरी तरह से सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित (Saudized) हैं, वहां भी यह नियम लागू नहीं होगा।
जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
ट्रांसफर के लिए पुरानी कंपनी से electronically certified waiver लेना अनिवार्य है, जिसे चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा सत्यापित (authenticate) होना चाहिए। इसके अलावा, नए मालिक को अपनी आर्थिक क्षमता साबित करने के लिए अपनी salary certificate या बैंक स्टेटमेंट दिखाना होगा। कामगार का रेजिडेंसी परमिट (Iqama), जिस पर उंगलियों के निशान (fingerprint) और हस्ताक्षर मौजूद हों, उसे भी सिस्टम में अपलोड करना होगा। ध्यान रहे कि अपलोड किए जाने वाले किसी भी दस्तावेज की फाइल का साइज 3 MB से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
फीस और नए नियम की अहमियत
सऊदी सरकार ने इस प्रक्रिया के तहत कुछ कोटा भी निर्धारित किया है। अगर कोई सऊदी नागरिक चार से अधिक या कोई निवासी (resident) दो से अधिक घरेलू कामगार रखना चाहता है, तो उसे हर अतिरिक्त वर्कर के लिए SR 9,600 का सालाना शुल्क देना होगा। हालांकि, विकलांग व्यक्तियों या किसी पुरानी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए मानवीय आधार पर फीस में छूट का प्रावधान रखा गया है।
यह पूरा बदलाव Wage Protection Program के तहत किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि घरेलू कामगारों की सैलरी समय पर और सही माध्यमों से उन्हें मिले। भारत से सऊदी अरब जाकर काम करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे उनके कानूनी ट्रांसफर की प्रक्रिया पहले से ज्यादा स्पष्ट और सुरक्षित हो गई है। आप इस सरकारी पहल के बारे में अधिक जानकारी मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।