सऊदी अरब सरकार ने ऑनलाइन दुकान चलाने और सामान पहुँचाने (डिलीवरी) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ई-कॉमर्स और ट्रांसपोर्ट सर्विस से जुड़े कारोबारियों को नए सरकारी नियमों का पालन करना होगा। अगर कोई इन नियमों को नहीं मानता है, तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है या उसका स्टोर बंद किया जा सकता है।

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ऑनलाइन स्टोर के लिए नई श्रेणियां

सरकार ने ऑनलाइन स्टोर को दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा है ताकि काम करने का तरीका साफ रहे

  • पहली श्रेणी: ऐसे स्टोर जो अपना सामान खुद बेचते हैं और उसे खुद या किसी और के जरिए पहुँचाते हैं। इनके लिए प्लेटफॉर्म लाइसेंस की ज़रूरत नहीं है, लेकिन डिलीवरी गाड़ियों का लाइसेंस होना चाहिए या किसी लाइसेंस्ड कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट होना चाहिए।
  • दूसरी श्रेणी: ऐसे स्टोर जो उन प्रोडक्ट्स को बेचते हैं जिनका मालिकाना हक उनके पास नहीं है और वे केवल प्लेटफॉर्म के जरिए डिलीवरी करते हैं।

होम डिलीवरी के लिए नया परमिट

नगरपालिका और आवास मंत्रालय ने 1 जुलाई 2025 से होम डिलीवरी के लिए नया परमिट अनिवार्य कर दिया है। यह नियम खाने-पीने के सामान और अन्य सभी डिलीवरी बिजनेस पर लागू होगा। इसके लिए कुछ मुख्य शर्तें रखी गई हैं

  • डिलीवरी कर्मियों के पास वैध हेल्थ सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है।
  • सभी डिलीवरी गाड़ियों पर कंपनी का नाम या ब्रांड साफ-साफ लिखा होना चाहिए।
  • गाड़ियाँ तकनीकी और स्वास्थ्य मानकों के हिसाब से सही होनी चाहिए।
  • डिलीवरी वर्कर को साफ यूनिफॉर्म पहननी होगी और ड्यूटी के दौरान अपना परमिट पास साथ रखना होगा।

यह पूरा प्रोसेस Balady प्लेटफॉर्म के जरिए पूरा किया जाएगा और मंत्रालय की टीमें फील्ड में जाकर इसकी जाँच करेंगी।

नेशनल एड्रेस और अन्य ज़रूरी नियम

ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी (TGA) ने ऐलान किया है कि 1 जनवरी 2026 से सऊदी अरब के अंदर भेजे जाने वाले हर पार्सल के लिए नेशनल एड्रेस देना अनिवार्य होगा। अगर शिपमेंट में सही नेशनल एड्रेस नहीं होगा, तो उसे रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, ऑनलाइन स्टोर चलाने वालों के लिए Maroof प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करना और वेरिफिकेशन बैज लगाना ज़रूरी है। ई-कॉमर्स कानून के तहत ग्राहकों की प्राइवेसी और उनके अधिकारों का ध्यान रखना होगा।

जुर्माना और कार्रवाई

कॉमर्स मंत्रालय (MoC) ने साफ किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उल्लंघन करने पर 10 लाख रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही स्टोर को अस्थायी या स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है और उसकी वेबसाइट को ब्लॉक भी किया जा सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com