सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (HRSD) ने सरकारी, प्राइवेट और गैर-लाभकारी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कपड़ों और व्यवहार के नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का मकसद वर्कप्लेस पर अनुशासन लाना और देश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देना है। यह बदलाव वहां काम करने वाले सऊदी नागरिकों के साथ-साथ भारतीय प्रवासियों पर भी सीधा असर डालेगा।

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ऑफिस में कपड़ों के नए नियम

मंत्रालय ने कपड़ों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, जिन्हें मानना सभी के लिए जरूरी होगा:

  • सऊदी पुरुष कर्मचारी: इन्हें ड्यूटी, ऑफिशियल फंक्शन और मीडिया में नजर आते समय राष्ट्रीय पोशाक (थौब) के साथ गुत्रा या शेमाग पहनना अनिवार्य होगा।
  • गैर-सऊदी पुरुष कर्मचारी: विदेशी कर्मचारियों के लिए फॉर्मल बिजनेस सूट पहनना जरूरी कर दिया गया है। अब बिजनेस कैजुअल कपड़ों को लेकर कोई उलझन नहीं रहेगी।
  • महिला कर्मचारी: सऊदी और गैर-सऊदी सभी महिलाओं के लिए शालीन, शरीर को पूरी तरह ढकने वाले, ढीले और बिना पारदर्शी कपड़े पहनना जरूरी होगा।
  • पाबंदी: कपड़ों या एक्सेसरीज पर किसी भी तरह के राजनीतिक या विचारधारा से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल पूरी तरह मना है।

व्यवहार और अनुशासन के नियम

मंत्रालय ने केवल कपड़ों पर ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के व्यवहार पर भी जोर दिया है। कर्मचारियों को ऑफिस में ईमानदारी, प्रोफेशनल तरीका और दूसरों की प्राइवेसी का सम्मान करना होगा। कोई भी कर्मचारी ऐसा सार्वजनिक बयान नहीं दे सकेगा जिससे सऊदी अरब की छवि खराब हो या राजनीतिक और sectarian तनाव पैदा हो।

नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर लेबर लॉ के तहत 5,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं बार-बार गलती करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हेल्थ टेस्ट और फिटनेस स्क्रीनिंग

21 जून 2026 को हुई घोषणा के अनुसार, अब सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य ऑक्यूपेशनल फिटनेस और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCD) स्क्रीनिंग कराई जाएगी। यह प्रक्रिया तीन चरणों में होगी और नौकरी शुरू करने के पहले छह महीनों के भीतर प्री-एम्प्लॉयमेंट स्क्रीनिंग जरूरी होगी। जो कर्मचारी फिटनेस टेस्ट में फेल होंगे, उन्हें अपने पेशे में बने रहने की अनुमति नहीं मिलेगी।

नौकरी के अनुबंध और सऊदीकरण (Saudization)

प्रवासियों और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कुछ और बड़े कदम उठाए हैं:

  • यूनिफाइड एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट: 6 अक्टूबर 2025 से एक नया डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट लागू किया गया है। इसमें वेतन से जुड़ी कानूनी शर्तें शामिल हैं, जिससे कर्मचारी अपनी बकाया सैलरी के लिए सीधे कोर्ट जा सकेंगे।
  • प्रोफेशन पर पाबंदी: 29 जनवरी 2026 से ‘जनरल मैनेजर’, ‘सेल्स रिप्रेजेंटेटिव’, ‘मार्केटिंग स्पेशलिस्ट’ और ‘प्रोक्योरमेंट मैनेजर’ जैसे पदों पर प्रवासियों के नाम नहीं जोड़े जाएंगे। ये पद अब सिर्फ सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित हैं।
  • मार्केटिंग सेक्टर: 19 जनवरी 2026 से मार्केटिंग प्रोफेशन में सऊदीकरण की दर बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है और न्यूनतम मासिक वेतन 5,500 सऊदी रियाल तय किया गया है।
  • एक्सपैट्स के लिए ग्रेस पीरियड: 26 अगस्त 2025 से विदेशी कर्मचारियों के लिए ग्रेस पीरियड बढ़ाकर 60 दिन कर दिया गया है। इस दौरान वे नया नियोक्ता ढूंढ सकते हैं, नया कॉन्ट्रैक्ट साइन कर सकते हैं या देश छोड़ सकते हैं।

कंपनियों के लिए सख्त चेतावनी

22 दिसंबर 2025 को मंत्रालय ने उन नियोक्ताओं (Employers) के लिए भारी जुर्माने का ऐलान किया है जो मैटरनिटी लीव, चाइल्डकेयर सुविधाओं और वर्कप्लेस पर गलत व्यवहार की जांच जैसे नियमों का पालन नहीं करेंगे।