सऊदी अरब ने अपनी कानूनी व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी विभागों को कोर्ट के आदेशों का पालन बहुत तेज़ी से करना होगा। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी आदेश को मिलने के 3 कार्य दिवसों के भीतर लागू करना अनिवार्य होगा ताकि लोगों को उनके हक और पैसा जल्दी मिल सके।

कोर्ट आदेश और जुर्माने के नए नियम क्या हैं

सऊदी कैबिनेट ने नए एन्फोर्समेंट कानून को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सभी संबंधित सरकारी निकायों और संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करने वाले विभागों को कोर्ट के आदेश मिलने के 3 वर्किंग डेज के अंदर उसे पूरा करना होगा। अगर कोई विभाग इसमें देरी करता है, तो उस पर 10,000 सऊदी रियाल तक का रोजाना जुर्माना लगाया जा सकता है, जो सरकारी खजाने में जमा होगा।

न्याय मंत्री Dr. Walid Al-Samaani ने बताया कि यह कानून न्यायिक प्रणाली को आधुनिक बनाने और कोर्ट के फैसलों में स्पष्टता लाने के लिए लाया गया है। इसका मकसद लेनदारों और देनदारों के बीच संतुलन बनाना है ताकि व्यापार और लेनदेन में स्थिरता रहे।

कर्ज और सजा से जुड़े बड़े बदलाव

इस नए सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब वित्तीय देनदारियों या कर्ज के मामले में जेल भेजने की सजा को खत्म कर दिया गया है। अब सरकार जेल भेजने के बजाय फंड और संपत्तियों को जब्त करने जैसे असरदार तरीकों का इस्तेमाल करेगी। हालांकि, धोखाधड़ी करने वालों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। अगर कोई नीलामी में हेरफेर करता है या वित्तीय डेटा लीक करता है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है।

नए कानून की मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:

विवरण नया नियम
आदेश पालन की समय सीमा 3 कार्य दिवस
गैर-अनुपालन पर जुर्माना 10,000 रियाल प्रतिदिन तक
धोखाधड़ी पर अधिकतम सजा 15 साल जेल
कर्ज पर जेल की सजा खत्म कर दी गई
रजिस्ट्रेशन का तरीका पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक
अनुरोध की समय सीमा देय तिथि से 10 साल
कुल अनुच्छेद (Articles) 65 अनुच्छेद

रजिस्ट्रेशन और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं

अब सभी कानूनी दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन Ministry of Justice द्वारा approved प्लेटफॉर्म के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से करना होगा। साथ ही, अगर किसी दस्तावेज़ की देय तिथि (due date) से 10 साल से ज़्यादा का समय बीत चुका है, तो उसका एन्फोर्समेंट अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा, जब तक कि कोई कानूनी कारण न हो। यदि कोई देनदार अपनी संपत्ति छुपाने या ट्रांसफर करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम के जरिए उसकी संपत्ति का पता लगाया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी के नए कानून के अनुसार सरकारी विभागों को कोर्ट ऑर्डर कितने समय में मानना होगा

सभी संबंधित सरकारी विभागों को कोर्ट के आदेश मिलने के 3 कार्य दिवसों (business days) के भीतर उसे लागू करना अनिवार्य होगा।

क्या अब कर्ज न चुकाने पर जेल जाना होगा

नहीं, नए नियमों के तहत वित्तीय देनदारियों के लिए जेल की सजा खत्म कर दी गई है, अब संपत्ति और फंड जब्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.