सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 14 अप्रैल 2026 को एक नए एनफोर्समेंट लॉ (Enforcement Law) को मंजूरी दी है। यह कानून उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जिन्होंने किसी को पैसा दिया है या जिनसे किसी का पैसा लेना बाकी है। न्याय मंत्री वालिद अल-समाणी ने कहा है कि इस नए सिस्टम से अब लेन-देन का हिसाब-किताब ज्यादा साफ और आसान हो जाएगा।

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नए कानून में क्या बदलाव किए गए हैं?

इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य कर्ज देने वाले और लेने वाले, दोनों के अधिकारों को बराबर रखना है। अब संपत्ति का पता लगाने और उसे जब्त करने की प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। सरकार ने इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा है ताकि कोर्ट के फैसलों में देरी न हो। यह कानून सऊदी विजन 2030 के तहत न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने और अदालती फैसलों को स्पष्ट करने का एक हिस्सा है।

प्रवासियों और कर्मचारियों के लिए क्या राहत है?

सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने अब नोटरी वाले रोजगार अनुबंधों (Employment Contracts) को कानूनी रूप से लागू करने का फैसला किया है। अगर किसी कर्मचारी की पूरी सैलरी 30 दिन तक या आधी सैलरी 90 दिन तक नहीं मिलती है, तो वह Najiz प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। कंपनी के पास इस पर आपत्ति जताने के लिए केवल 5 दिन का समय होगा।

अन्य जरूरी नियम और जानकारियां

सरकार ने 13 अप्रैल 2026 से सऊदी फाइनेंशियल ओवरसाइट लॉ (Financial Oversight Law) भी लागू किया है, जिससे सरकारी पैसों के लेन-देन में जवाबदेही बढ़ेगी। नए नियमों के तहत एनफोर्समेंट जज के पास अब ज्यादा अधिकार होंगे। जज अब यात्रा प्रतिबंध लगाने, जेल भेजने या संपत्ति की जानकारी निकालने जैसे अहम फैसले ले सकेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com