सऊदी अरब में कर्ज लेने और उसे चुकाने के नियमों में एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने कर्ज वसूली की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक नया कानून मंजूर किया है। इस नए नियम के बाद अब कर्जदारों के लिए अपनी देनदारी चुकाना और भी जरूरी हो गया है क्योंकि उनकी संपत्ति अब सीधे तौर पर उनकी देनदारी की गारंटी बनेगी।

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सऊदी का नया नियम क्या है और यह कैसे काम करेगा?

सऊदी कैबिनेट ने 1 मई 2026 को नए ‘इन्फोर्समेंट लॉ’ (नظام التنفيذ) को मंजूरी दी है। इस कानून के अनुच्छेद 23 के तहत यह तय किया गया है कि जिस व्यक्ति ने कर्ज लिया है, उसकी सारी संपत्ति उसके कर्ज की गारंटी मानी जाएगी। यह नियम तब से लागू हो जाता है जब कर्जदार को भुगतान के लिए नोटिस मिलता है या उसे कोर्ट के आदेश की जानकारी दी जाती है। इस कानून का मुख्य मकसद लोगों के हक की वसूली को तेज करना और न्याय प्रक्रिया को आसान बनाना है।

  • नोटिस का समय: जैसे ही व्यक्ति को भुगतान की मांग का नोटिस मिलता है, उसकी संपत्ति पर दावा किया जा सकता है।
  • डिजिटल सिस्टम: अब सभी कानूनी दस्तावेजों और सेंड्स को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रजिस्टर करना अनिवार्य होगा।
  • समय सीमा: इन दस्तावेजों के लिए 10 साल की समय सीमा तय की गई है।

संपत्ति जब्त करने के नियम और मिलने वाली छूट

नए कानून में कर्जदारों के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, लेकिन कुछ बुनियादी चीजों को इससे बाहर रखा गया है। अगर कोई व्यक्ति आदेश मिलने के 5 दिन बाद भी पैसा नहीं चुकाता, तो उसकी संपत्ति का खुलासा किया जाएगा और उसे जब्त किया जा सकता है। साथ ही, ऐसे लोगों पर यात्रा प्रतिबंध और सरकारी सेवाओं को रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

हालांकि, इंसान की बुनियादी जरूरतों का ख्याल रखते हुए कुछ चीजों को जब्त करने से छूट दी गई है:

चीज नियम/स्थिति
मुख्य घर कर्जदार और उसके परिवार के रहने वाले घर को जब्त नहीं किया जाएगा
जरूरी वाहन आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जरूरी वाहन पर छूट मिलेगी
सैलरी तनख्वाह का एक निश्चित हिस्सा जब्त नहीं किया जा सकता

कानूनी जानकारों और सरकार की क्या राय है?

सऊदी न्याय मंत्री ने बताया कि यह नया कानून क्राउन प्रिंस द्वारा शुरू किए गए कानूनी सुधारों का एक अहम हिस्सा है। मक्का क्षेत्र के वकीलों की समिति के अध्यक्ष खालिद अबू राशिद ने कहा कि यह कानून कर्जदार के शरीर और उसकी संपत्ति के बीच फर्क करता है। यानी अब कार्रवाई केवल व्यक्ति की संपत्ति पर होगी न कि उसे व्यक्तिगत तौर पर प्रताड़ित किया जाएगा। वकील डॉ. रबाब अहमद अल-मउबी ने भी इस बदलाव को सऊदी न्याय प्रणाली के लिए एक बड़ी तरक्की बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कर्जदार की संपत्ति कब जब्त की जा सकती है?

संपत्ति तब जब्त की जा सकती है जब कर्जदार को भुगतान की मांग का नोटिस मिल जाए, या उसे कोर्ट के आदेश की जानकारी दे दी जाए, या फिर आधिकारिक घोषणा हो जाए।

क्या नए कानून के तहत कर्जदार को जेल भेजा जाएगा?

नया कानून कर्जदार के व्यक्तिगत अस्तित्व और उसकी संपत्ति को अलग करता है। अब वसूली की प्रक्रिया मुख्य रूप से कर्जदार की संपत्ति और पैसों पर केंद्रित होगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.