सऊदी अरब सरकार ने देश में कर्ज और कानूनी वसूली से जुड़ा एक नया कानून लागू किया है. यह नियम 1 मई 2026 को सरकारी गजट ‘उम्म अल-कुरा’ में प्रकाशित हो चुका है. इस बदलाव से उन प्रवासियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो पैसों के लेनदेन और कानूनी विवादों में फंसे रहते हैं.

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कर्ज चुकाने के लिए संपत्ति चुनने का नया नियम क्या है?

नये कानून के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति पर कर्ज है और उसके पास उस रकम से ज़्यादा संपत्ति मौजूद है, तो वह खुद तय कर सकता है कि पहले कौन सी संपत्ति बेचकर पैसा वसूला जाए. कोर्ट को इस मांग को मानना होगा, बशर्ते इससे वसूली की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए. यह नियम कर्जदारों को अपनी ज़रूरत की संपत्तियों को बचाने का मौका देता है.

नये कानून में क्या-क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

न्याय मंत्री डॉ. वलीद बिन मोहम्मद अल-समानी ने बताया कि यह कानून लेनदार और देनदार दोनों के बीच संतुलन बनाएगा. इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • जेल से राहत: अब पैसों के लेनदेन वाले मामलों में व्यक्तिगत जेल के बजाय संपत्ति की वसूली पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे कर्ज के लिए जेल जाने की प्रथा खत्म होगी.
  • ट्रेवल बैन: यात्रा पर रोक अब अधिकतम 3 साल तक होगी, जिसे सिर्फ एक बार आगे बढ़ाया जा सकेगा.
  • डिजिटल सिस्टम: प्रॉमिसरी नोट्स और बिल ऑफ एक्सचेंज का अब इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा.
  • समय सीमा: कानूनी दस्तावेजों के जरिए वसूली के लिए 10 साल की समय सीमा तय की गई है.

नियम तोड़ने वालों के लिए क्या सज़ा होगी?

जहाँ एक तरफ राहत दी गई है, वहीं कोर्ट के आदेश को टालने या संपत्ति छुपाने वालों पर सख्ती बढ़ाई गई है. ऐसे लोगों पर 10 लाख रियाल तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल हो सकती है. अगर कोई जानबूझकर बड़ी संपत्ति छुपाता है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है.

विवरण नया नियम
लागू होने की अवधि प्रकाशन के 180 दिन बाद
कुल अनुच्छेद (Articles) 65
ट्रेवल बैन की सीमा अधिकतम 3 साल (+1 एक्सटेंशन)
अधिकतम जुर्माना 10 लाख रियाल तक

Frequently Asked Questions (FAQs)

नया कानून कब से पूरी तरह लागू होगा?

यह कानून 1 मई 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित हुआ है और इसके प्रकाशन के 180 दिन बाद से पूरी तरह लागू हो जाएगा.

क्या अब सऊदी अरब में कर्ज के लिए जेल होगी?

नये कानून के तहत अब वित्तीय बकाया राशि के लिए व्यक्तिगत जेल के बजाय संपत्ति की कुर्की और वसूली पर ज़ोर दिया जाएगा.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com