सऊदी अरब में कर्ज लेने वालों के लिए एक बहुत सख्त नियम आया है. अब अगर कोई व्यक्ति कर्ज लेकर अपने पैसों को जानबूझकर बर्बाद करता है या उन्हें छिपाता है ताकि कर्ज न चुकाना पड़े, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी. नए Enforcement Law के तहत ऐसे लोगों को लंबी जेल की सजा सुनाई जा सकती है, जिससे अब कर्जदारों में डर रहेगा.

पैसे बर्बाद करने वाले कर्जदारों को कितनी सजा मिलेगी?

नए कानून के मुताबिक, अगर यह साबित हो जाता है कि किसी कर्जदार ने जानबूझकर अपनी संपत्ति या पैसों को बर्बाद किया है और वह रकम काफी ज्यादा है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है. सबसे बड़ी बात यह है कि अगर कर्जदार यह साबित कर दे कि वह अब कंगाल हो चुका है, तब भी उसे इस सजा से राहत नहीं मिलेगी. सरकार ने इस काम को एक बड़ा अपराध माना है, जिसके लिए आरोपी को तुरंत हिरासत में लेना जरूरी है.

नए कानून की मुख्य बातें और नियम क्या हैं?

यह कानून काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने मंजूर किया है और यह 1 मई 2026 से लागू हो गया है. जस्टिस मिनिस्टर Walid Al-Samaani ने बताया कि इस कानून का मकसद लेन-देन की प्रक्रिया को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाना है. अब प्रॉमिसरी नोट्स और बिल ऑफ एक्सचेंज को सरकार द्वारा मंजूर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करना जरूरी होगा, तभी उन्हें कानूनी तौर पर मान्य माना जाएगा. साथ ही, अब सिर्फ आर्थिक तंगी की वजह से लोगों की सरकारी सेवाएं अपने आप बंद नहीं की जाएंगी.

विभिन्न अपराधों के लिए तय की गई सजाओं की जानकारी नीचे दी गई है:

अपराध का प्रकार संभावित सजा
बड़ी रकम को जानबूझकर बर्बाद करना 15 साल तक की जेल
फंड छिपाना या उसकी तस्करी करना 3 साल तक जेल और/या 10 लाख रियाल तक जुर्माना
सरकारी अधिकारी द्वारा रिकवरी में बाधा डालना 5 साल तक की जेल

Frequently Asked Questions (FAQs)

कानून में ‘बड़ी रकम’ का क्या मतलब है?

बड़ी रकम की परिभाषा क्या होगी, इसका फैसला पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, जस्टिस मिनिस्ट्री और फाइनेंस मिनिस्ट्री मिलकर तय करेंगे. यह कर्ज के प्रकार और कर्जदार की संपत्ति के आधार पर तय होगा.

क्या सिर्फ कर्ज न चुका पाने पर अब जेल होगी?

नहीं, नया कानून सामान्य नागरिक कर्ज के लिए जेल भेजने के बजाय संपत्ति की रिकवरी पर ज्यादा जोर देता है. जेल की सजा केवल उन लोगों के लिए है जो जानबूझकर पैसे छिपाते हैं या बर्बाद करते हैं.