सऊदी अरब में कर्ज वसूली और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर एक नया कानून लागू हुआ है. सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने इस नए एनफोर्समेंट लॉ को मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद लोगों के हक की वसूली को तेज करना और न्याय प्रणाली को डिजिटल बनाना है. इस कानून में यह साफ किया गया है कि कर्जदार से पैसा वसूलते समय उसकी बुनियादी जरूरतों का ख्याल रखा जाएगा, इसलिए कुछ खास संपत्तियों को जब्त करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

किन चीज़ों की कुर्की या जब्ती नहीं होगी?

नए कानून के तहत कुछ ऐसी संपत्तियां तय की गई हैं जिन्हें किसी भी हाल में जब्त नहीं किया जा सकता. यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि कर्जदार और उसके परिवार का जीवन सम्मानजनक बना रहे. नीचे दी गई टेबल में उन संपत्तियों की जानकारी है जो सुरक्षित रहेंगी:

संपत्ति का प्रकार विवरण
सार्वजनिक धन सरकारी या पब्लिक फंड्स को जब्त नहीं किया जाएगा
मुख्य निवास रहने का मुख्य घर (अगर वह गिरवी न हो)
जरूरी वाहन आने-जाने के लिए बुनियादी साधन
काम के औजार पेशा या हुनर चलाने के लिए जरूरी सामान
पेंशन सिविल और मिलिट्री रिटायरमेंट पेंशन
सरकारी मदद सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता या इदानत
निजी सामान कपड़े, जरूरी फर्नीचर और व्यक्तिगत उपकरण

सैलरी के मामले में भी नियम तय किए गए हैं. अगर मामला गुजारे भत्ते (Alimony) का है, तो आधी सैलरी काटी जा सकती है, लेकिन बाकी हिस्सा कर्जदार की न्यूनतम जरूरतों के लिए छोड़ा जाएगा.

पैसा छिपाने या देरी करने पर क्या होगी सजा?

नया कानून केवल सुरक्षा नहीं देता, बल्कि कर्ज न चुकाने वालों के लिए बहुत सख्त सजाएं भी लाया है. अगर कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति छिपाता है या वसूली में देरी करता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी.

  • संपत्ति का खुलासा: अदालत के आदेश के बाद 10 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी होगा.
  • दैनिक जुर्माना: पैसों की वसूली में देरी पर 5,000 रियाल और गैर-वित्तीय मामलों में 10,000 रियाल प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा.
  • ट्रैवल बैन: कोर्ट 3 साल तक की यात्रा रोक लगा सकता है, जिसे बढ़ाकर 6 साल किया जा सकता है.
  • जेल और जुर्माना: संपत्ति छिपाने या स्मगल करने पर 3 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना हो सकता है.
  • पैसा लुटाने पर सजा: अगर यह साबित होता है कि कर्जदार ने जानबूझकर बड़ी रकम बर्बाद की है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है.
  • समय सीमा: वसूली की अर्जी तब स्वीकार नहीं होगी जब ड्यू डेट से 10 साल से ज्यादा का समय बीत चुका हो.

अगर कोर्ट का ऑर्डर मिलने के 5 वर्किंग डेज के अंदर भुगतान नहीं होता है, तो तुरंत जबरन वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब के नए कानून के तहत संपत्ति का खुलासा करने के लिए कितना समय मिलता है?

अदालत द्वारा आदेश दिए जाने के बाद कर्जदार को अधिकतम 10 दिनों के भीतर अपनी सभी संपत्तियों का खुलासा करना अनिवार्य होगा.

क्या नए कानून में सैलरी जब्त करने का कोई प्रावधान है?

हाँ, गुजारे भत्ते के मामलों में सैलरी का आधा हिस्सा काटा जा सकता है, लेकिन बाकी हिस्सा कर्जदार के जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.

संपत्ति छिपाने पर क्या सजा मिल सकती है?

संपत्ति छिपाने या उसे अवैध तरीके से बाहर भेजने पर 3 साल तक की कैद और 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.